एम फार्मेसी एक पोस्ट ग्रेजुएट (PG) कोर्स है, जो फार्मेसी शिक्षा में एडवांस्ड नॉलेज प्रदान करता है। एम फार्मेसी की फुल फॉर्म ‘मास्टर ऑफ फार्मेसी’ है। इस कोर्स में दवाओं के निर्माण और विकास से संबंधित गहन अध्ययन शामिल होता है। यह कोर्स विभिन्न फार्मास्यूटिकल डोज़ेज की मैन्युफैक्चरिंग, मटीरियल मैनेजमेंट, पेटेंट नॉलेज तथा डोज़ेज फॉर्म के मूल्यांकन हेतु आवश्यक विश्लेषणात्मक तकनीकों से आपको परिचित कराता है।
एम फार्मेसी में एडमिशन के लिए अभ्यर्थियों के पास बी फार्मेसी या संबंधित अंडरग्रेजुएट डिग्री होना आवश्यक है। इसमें एडमिशन प्रायः ‘ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट’ (GPAT), AP PGECET, TS PGECET, GUJCET तथा CUET PG जैसी परीक्षाओं के माध्यम से होता है। इस लेख में आपके लिए एम फार्मेसी की सभी आवश्यक जानकारी दी गई है।
| मापदंड | कोर्स विवरण |
| कोर्स की फुल फॉर्म | मास्टर ऑफ फार्मेसी |
| कोर्स लेवल | पोस्ट ग्रेजुएशन |
| कोर्स ड्यूरेशन | 2 वर्ष |
| एडमिशन प्रोसेस | मेरिट बेस्ड – एंट्रेंस बेस्ड |
| करिकुलम स्ट्रक्चर | सेमेस्टर वाइज थ्योरी, प्रोजेक्ट्स व लैब वर्क |
| योग्यता | बी फार्मेसी या समकक्ष ग्रेजुशन डिग्री |
| प्रमुख कॉलेज | दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नॉलजी (ICT), यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, चंडीगढ़, जामिया हमदर्द, हमदर्द नगर, नई दिल्ली आदि |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | अनुसंधान वैज्ञानिक, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर, क्लिनिकल फार्माकोलॉजिस्ट, रेगुलेटरी अफेयर्स स्पेशलिस्ट, मेडिकल राइटर, फार्मेसी फैकल्टी आदि |
| रोजगार के क्षेत्र | फार्मास्युटिकल कंपनियां, क्लिनिकल रिसर्च संगठन, सरकारी स्वास्थ्य संगठन, रेगुलेटरी संस्थाएं, अस्पताल और हेल्थकेयर संस्थान, शैक्षणिक संस्थान आदि |
This Blog Includes:
- एम फार्मेसी कोर्स क्यों करें?
- एम फार्मेसी कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
- एम फार्मेसी कोर्स स्पेशलाइजेशन
- एम फार्मेसी कोर्स की योग्यता
- एम फार्मेसी कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं
- एम फार्मेसी कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
- भारत में एम फार्मेसी कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस
- एम फार्मेसी कोर्स का सिलेबस
- एम फार्मेसी कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
- एम फार्मेसी करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- एम फार्मेसी करने के बाद हायर स्टडी और प्रतियोगी परीक्षा के विकल्प
- FAQs
एम फार्मेसी कोर्स क्यों करें?
नीचे दिए गए बिंदुओं में एम फार्मेसी कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- एम फार्मेसी कोर्स फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री की नई दवाओं के विकास, विनियमन और मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप डिजाइन होता है, जिससे इंडस्ट्री बेस्ड स्किल डेवलप होते हैं।
- इस कोर्स में फार्मास्यूटिक्स, फार्माकोलॉजी, क्वालिटी कंट्रोल, रेगुलेटरी अफेयर्स जैसी स्पेशलिस्ट ट्रैक्स के साथ एडवांस्ड नॉलेज मिलती है। इससे आप संबंधित स्पेशलाइजेशन क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं।
- एम फार्मेसी रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देता है, जिससे आप नई दवाओं, फॉर्मूलेशन और एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर सकते हैं।
- इस डिग्री के माध्यम से आपको R&D, क्लिनिकल रिसर्च, रेगुलेटरी अफेयर्स, क्वालिटी एश्योरेंस और शिक्षा जैसे कई क्षेत्र में नौकरी के अवसर मिलते हैं।
- एम फार्मेसी डिग्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलती है, जिससे विदेश में रिसर्च और इंडस्ट्री एक्सपोजर के अवसर भी मिल सकते हैं।
- एम फार्मा होल्डर्स को B.Pharm की तुलना में हाई सैलरी और सीनियर पोस्ट्स के अवसर मिलने की संभावना होती है, क्योंकि उनके पास विशिष्ट तकनीकी क्षमता होती है।
- एम फार्मा होल्डर्स स्वयं की फार्मेसी, मेडिकल स्टोर या फार्मा स्टार्ट-अप भी शुरू कर सकते हैं।
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एम फार्मेसी कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
एम फार्मेसी दो वर्षीय पोस्टग्रेजुएट कोर्स है, जिसे चार सेमेस्टर में विभाजित किया जाता है। इस कोर्स को भारत में क्रेडिट बेस्ड सेमेस्टर सिस्टम के तहत संचालित किया जाता है। प्रत्येक सेमेस्टर में थ्योरी, प्रैक्टिकल, सेमिनार, असाइनमेंट और रिसर्च वर्क शामिल होता हैं।
कोर्स का प्रथम वर्ष मुख्य रूप से एडवांस्ड थियोरेटिकल विषय और लेबोरेटरी बेस्ड प्रैक्टिस पर बेस्ड होता है, जैसे मॉडर्न फार्मास्यूटिकल एनालिटिकल टेक्निक्स, ड्रग डिलीवरी सिस्टम, रेगुलेटरी अफेयर्स आदि । वहीं दूसरे वर्ष में आप डिसर्टेशन, जर्नल क्लब, प्रपोजल प्रेजेंटेशन और रिसर्च में गहन रूप से शामिल होते हैं।
एम फार्मेसी विभिन्न स्पेशलाइजेशन जैसे फार्मास्युटिक्स, फार्माकोलॉजी, फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री आदि में उपलब्ध होता है। यह औद्योगिक, नियामक और रिसर्च बेस्ड करियर के लिए डिजाइन किया गया है। इसके माध्यम से आप फार्मास्यूटिकल प्रोडक्शन, रिसर्च और नियामक कार्यों में करियर बनाने के लिए सक्षम बनते हैं।
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एम फार्मेसी कोर्स स्पेशलाइजेशन
आप अपनी रुचि और करियर क्षेत्र के अनुसार इन प्रमुख स्पेशलाइजेशन में से किसी एक को चुन सकते हैं:
| स्पेशलाइजेशन | मुख्य विषय |
| फार्मास्यूटिक्स | ड्रग डिलीवरी सिस्टम, मॉलिक्यूलर फार्मास्यूटिक्स, एडवांस्ड बायोफार्मास्यूटिक्स और फार्माकोकाइनेटिक्स, कॉस्मेटिक्स |
| फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री | एडवांस्ड ऑर्गेनिक और मेडिसिनल केमिस्ट्री, स्पेक्ट्रोस्कोपिक और कंप्यूटर-एडेड ड्रग डिज़ाइन, प्रोसेस केमिस्ट्री |
| इंडस्ट्रियल फार्मेसी | एडवांस्ड इंडस्ट्रियल फार्मेसी, फार्मास्युटिकल प्रोडक्शन, प्रोसेस टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और रेगुलेटरी इंटरफेस |
| क्वालिटी एश्योरेंस | क्वालिटी सिस्टम और GMP, वैलिडेशन, रेगुलेटरी कंप्लायंस और ऑडिट |
| फार्मास्युटिकल बायोटेक्नोलॉजी | बायोप्रोसेस इंजीनियरिंग, बायो फार्मास्युटिकल्स, फर्मेंटेशन टेक्नोलॉजी, जेनेटिक इंजीनियरिंग एप्लीकेशन |
| फार्मास्यूटिकल एनालिसिस | एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटल एनालिसिस, मॉडर्न बायो-एनालिटिकल टेक्नीक, क्वालिटी एश्योरेंस, कॉस्मेटिक एनालिसिस |
| फार्माकोग्नोसी | फाइटोकेमिस्ट्री और नेचुरल प्रोडक्ट्स, हर्बल ड्रग टेक्नोलॉजी, न्यूट्रास्युटिकल्स, मरीन सोर्स |
| फार्माकोलॉजी | एडवांस्ड फार्माकोलॉजी और टॉक्सिकोलॉजी, प्रीक्लिनिकल स्क्रीनिंग/इवैल्यूएशन मेथड्स, फार्माकोकाइनेटिक्स |
| रेगुलेटरी अफेयर्स | ड्रग, डिवाइस और डोजियर रिक्वायरमेंट, ग्लोबल सबमिशन, फूड और न्यूट्रास्यूटिकल्स रेगुलेशन |
एम फार्मेसी कोर्स की योग्यता
एम फार्मेसी कोर्स में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड कॉलेज और संस्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए अप्लाई करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक प्रवेश शर्तें जरूर देखनी चाहिए। सामान्य तौर पर पात्रता इस प्रकार होती है:
- शैक्षणिक योग्यता: आपके पास ‘फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया’ (PCI) से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से फार्मेसी में स्नातक डिग्री (B.Pharma या समकक्ष) होना अनिवार्य है।
- न्यूनतम अंक: अधिकतर संस्थानों में न्यूनतम 50% अंक आवश्यक होते हैं; हालांकि कुछ संस्थानों में यह अधिक हो सकता है या आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
- आयु सीमा: सामान्यतः इस कोर्स के लिए कोई आयु सीमा नहीं होती, लेकिन कुछ विश्वविद्यालयों में अधिकतम आयु की शर्त लागू हो सकती है।
- चयन प्रक्रिया: इस कोर्स में चयन मेरिट बेस्ड या प्रवेश परीक्षा (CUET-PG, GPAT, AP PGECET, TS PGECET व GUJCET) के माध्यम से किया जाता है, जो संस्थान पर निर्भर करता है।
एम फार्मेसी कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं
एम फार्मेसी कोर्स में एडमिशन के लिए भारत की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है:
| M.Pharm प्रवेश परीक्षाएं | संचालित संस्था | M.Pharm परीक्षा की तिथि |
| GPAT 2026 | नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) | 7 मार्च, 2026 |
| TANCET 2026 | अन्ना विश्वविद्यालय | मार्च 2026 (टेंटेटिव) |
| BITS HD 2026 | बिड़ला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी | 25 मई, 2026 – 26 मई, 2026 |
| AP PGECET 2026 | आंध्र प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद (APSCHE) | जून 2026 (टेंटेटिव) |
| OJEE 2026 | ओडिशा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (OJEE) | 4, 5, 7, 8 और 9 मई, 2026 |
| HPCET 2026 | हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) | 10 मई, 2026 |
एम फार्मेसी कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
एम फार्मेसी कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:
- M.Pharm कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपनी चुने हुए विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद ‘M.Pharm कोर्स’ का चयन करें।
- अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
- इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें।
- यदि एडमिशन, एंट्रेंस एग्जाम पर आधारित है तो पहले एंट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। एंट्रेंस एग्जाम के मार्क्स के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
एम फार्मेसी कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज/संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट तथा पासिंग सर्टिफिकेट
- B.Pharm ग्रेजुएशन या समकक्ष डिग्री और मार्कशीट
- फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो)
- माइग्रेशन सर्टिफिकेट (दूसरे बोर्ड/विश्वविद्यालय से आने पर)
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) – कई कॉलेजों में अनिवार्य होता है
- अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)
भारत में एम फार्मेसी कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस
भारत में मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में एम फार्मेसी कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस संस्थान के प्रकार, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। सामान्यतः सरकारी कॉलेजों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में यह अधिक रहती है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख कॉलेजों के आधार पर एम फार्मेसी कोर्स की अनुमानित फीस केवल एक सामान्य जानकारी के रूप में दी गई है:
सरकारी संस्थान
| कॉलेज और संस्थान | अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR) |
| दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी | 2.15 लाख (कुल फीस की रेंज) |
| जामिया हमदर्द, नई दिल्ली | 2,40000 (प्रति वर्ष) |
| पंजाब विश्वविद्यालय | 1,95,230 (प्रति वर्ष) |
| इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नॉलजी (ICT) | 2.07 लाख (कुल फीस) |
| बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) | 36,576 (कुल फीस) |
| जादवपुर विश्वविद्यालय | 2,400 (प्रति सेमेस्टर) |
| डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय | 26,150 (प्रति सेमेस्टर) |
प्राइवेट संस्थान
| कॉलेज और संस्थान | अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR) |
| एमिटी, नोएडा | 72,000 (प्रति वर्ष) |
| मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ | 1,80,000 (कुल फीस) |
| गलगोटिया विश्वविद्यालय | 110,000 (प्रति वर्ष) |
| पारुल विश्वविद्यालय | 1,60,000 – 2,00,000 (प्रति वर्ष फीस की रेंज) |
| लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय | 1,20,000 (प्रति सेमेस्टर) |
| मणिपाल कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (MCOPS), मणिपाल | 1,018,000 |
नोट: तालिका में दी गई फीस केवल अनुमानित है और समय-समय पर बदल सकती है। सटीक और नवीनतम फीस की जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।
एम फार्मेसी कोर्स का सिलेबस
भारत के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एम फार्मेसी का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक संस्थान अपना करिकुलम और पेपर स्ट्रक्चर स्वयं निर्धारित करता है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें।
नीचे दिया गया सिलेबस डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
| सेमेस्टर 1 | |
| मॉडर्न फार्मास्यूटिकल एनालिटिकल टेक्निक्स | ड्रग डिलीवरी सिस्टम |
| मॉडर्न फार्मास्यूटिक्स | रेगुलेटरी अफेयर्स |
| फार्मास्यूटिक्स प्रैक्टिकल | सेमिनार/असाइनमेंट |
| सेमेस्टर 2 | |
| मॉलेक्यूलर फार्मास्यूटिक्स (नैनो टेक एंड टार्गेटेड DDS) | एडवांस्ड बायोफार्मास्यूटिक्स एंड फार्माकोकाइनेटिक्स |
| कंप्यूटर एडेड ड्रग डिलीवरी सिस्टम | कॉस्मेटिक एंड कॉस्मेस्यूटिकल्स |
| फार्मास्यूटिक्स प्रैक्टिकल 20 | सेमिनार/असाइनमेंट |
| सेमेस्टर 3 | |
| रिसर्च मेथडोलॉजी एंड बायोस्टैटिस्टिक्स | जर्नल क्लब |
| डिस्कशन प्रेजेंटेशन (प्रपोज़ल प्रेजेंटेशन) | रिसर्च वर्क |
| सेमेस्टर 4 | |
| जर्नल क्लब | डिस्कशन/प्रेजेंटेशन (प्रपोज़ल प्रेजेंटेशन) |
| रिसर्च वर्क एंड कोलोक्विम | |
एम फार्मेसी कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
आप एम फार्मेसी कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं:
| क्षेत्र | कार्य |
| अनुसंधान एवं विकास | नई दवाओं और उन्नत दवा फॉर्मुलेशन के विकास में कार्य करना। फार्मा कंपनियों के R&D विभाग में यह एक प्रमुख करियर है। |
| रेगुलेटरी अफेयर्स | दवाओं को भारत में CDSCO/औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत मंजूरी दिलाने के लिए रेगुलेटरी डॉक्यूमेंटेशन और अनुपालन कार्य करना। |
| गुणवत्ता नियंत्रण | उत्पादन के हर चरण में दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकों का परीक्षण और निगरानी करना। |
| क्लिनिकल रिसर्च | क्लिनिकल रिसर्चस का प्रबंधन, डेटा संग्रह, प्रोटोकॉल अनुपालन और अध्ययन रिपोर्टिंग करना। |
| अकादमिक व शिक्षण | फार्मेसी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक पद जैसे व्याख्याता या प्रोफेसर; इसके लिए अक्सर NET/GATE योग्यतानुसार अतिरिक्त पात्रता की आवश्यकता होती है। |
| फार्माकोविजिलेंस और दवा सुरक्षा | दवाओं के बाज़ार में उपयोग के बाद की सुरक्षा निगरानी, प्रतिकूल प्रभाव रिपोर्टिंग, और जोखिम मूल्यांकन करना। |
| सरकारी विनियामक और निरीक्षण भूमिकाएं | ड्रग इंस्पेक्टर संघ या राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा के माध्यम से नियुक्त अधिकारी होते हैं, जो दवाओं की गुणवत्ता, निर्माण और बिक्री की वैधानिक अनुपालना सुनिश्चित करते हैं। |
एम फार्मेसी करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
एम फार्मेसी कोर्स के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार नीचे दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| रिसर्च साइंटिस्ट | 9.7 लाख – 10.7 लाख |
| रेगुलेटरी अफेयर्स स्पेशलिस्ट | 7.2 लाख – 9.4 लाख |
| क्लिनिकल फार्माकोलॉजिस्ट | 3.1 लाख – 4 लाख |
| क्वालिटी एश्योरेंस ऑफिसर | 4.1 लाख – 4.6 लाख |
| मेडिकल राइटर | 5.8 लाख – 6.4 लाख |
| फार्मास्युटिकल एनालिस्ट | 3.7 लाख – 4.4 लाख |
| मैन्युफैक्चरिंग मैनेजर | 17.8 लाख – 19.7 लाख |
| फार्मेसी फैकल्टी | 2.9 लाख – 3.9 लाख |
एम फार्मेसी करने के बाद हायर स्टडी और प्रतियोगी परीक्षा के विकल्प
आप एम फार्मेसी कोर्स करने के बाद अपनी रूचि और करियर फील्ड के अनुसार इन विकल्पों को चुन सकते हैं:
| कोर्स / परीक्षा | जानकारी |
| Ph.D | M.Pharm के बाद रिसर्च बेस्ड डॉक्टरेट डिग्री, जिससे आप शिक्षा, शोध संस्थानों और फैकल्टी पदों के लिए पात्र बनते हैं। Ph.D. में एडमिशन के लिए कई विश्वविद्यालय या संस्थान अलग-अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। |
| GPAT JRF | राष्ट्रीय स्तर की GPAT परीक्षा को ‘जूनियर रिसर्च फेलोशिप’ (JRF) के लिए क्वालिफाई करने पर Ph.D. रिसर्च के लिए सरकारी फेलोशिप और वित्तीय सहायता मिल सकती है। |
| UGC NET | UGC NET उत्तीर्ण करने पर आप सहायक प्रोफेसर या रिसर्च फ़ेलोशिप के लिए एलिजिबल हो सकते हैं। यह एजुकेशन सेक्टर और रिसर्च करियर के लिए कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षा है। |
| GATE | कुछ Ph.D. या M.Tech प्रोग्राम में GATE स्कोर के आधार पर एडमिशन दिया जाता है, जिससे रिसर्च बेस्ड हायर एजुकेशन में एडमिशन आसान हो जाता है। |
| NIPER JEE | राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) में M.Pharm/ Ph.D. जैसे विशेष प्रोग्राम के लिए NIPER JEE परीक्षा उत्तीर्ण करना प्रमुख है। |
| राज्य एवं केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाएं | आप M.Pharm के बाद UPSC व PSC जैसे परीक्षाओं के माध्यम से ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी वैज्ञानिक अधिकारी, सरकारी शोध अधिकारी जैसे पदों के लिए भी तैयारी कर सकते हैं। |
FAQs
भारत में दवा निर्माण इकाई स्थापित करने हेतु तकनीकी स्टाफ की योग्यता संबंधी मानक CDSCO तथा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप M.Pharm को उपयुक्त शैक्षणिक आधार माना जाता है।
मास्टर ऑफ फार्मेसी (M.Pharm) एक दो वर्षीय 4 सेमेस्टर में विभाजित पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है।
M.Pharm चिकित्सक MBBS या MD के बराबर नहीं है, यह केवल फार्मास्यूटिकल साइंस और दवा अनुसंधान में स्नातकोत्तर डिग्री है।
B.Pharm ग्रेजुएशन लेवल की डिग्री है जो फार्मेसी के मूल सिद्धांत सिखाती है, जबकि M.Pharm पोस्टग्रेजुएट डिग्री है जो फार्मास्यूटिकल रिसर्च, विशेषज्ञता और औद्योगिक अनुप्रयोग पर केंद्रित होती है।
एम फार्मा करने के लिए उम्मीदवार के पास PCI-मान्यता प्राप्त B.Pharm डिग्री और संबंधित PG प्रवेश परीक्षा (जैसे GPAT/NIPER JEE) में योग्यता होना अनिवार्य है।
एम फार्मा भारत में ड्रग इंस्पेक्टर बनने के लिए तकनीकी योग्यता प्रदान करता है। आप UPSC या राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा के माध्यम से इस पद के लिए एलिजिबल होते हैं।
आशा है कि इस लेख में आपको एम फार्मेसी कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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