अगर आप ऐसे करियर की तलाश में हैं जो आपको इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में क्रिएटिविटी दिखाने का मौका दे और साथ ही आपको प्रोफेशनल ग्रोथ दे, तो इंटीरियर डिजाइनिंग आपके लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प हो सकता है। इंटीरियर डिजाइन अब सिर्फ घरों को सजाने तक ही सीमित नहीं रह गया है। आज यह एक व्यवस्थित और तेजी से बढ़ने वाला प्रोफेशन है, जो रहने की जगहों, शॉप्स, ऑफिस, होटलों, मॉल और एक्सपीरियंस बेस्ड एनवायरमेंट को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है।
इंटीरियर डिजाइनिंग में आप डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, बैचलर या मास्टर डिग्री जैसे कोर्स कर सकते हैं। ये कोर्स 6 महीने से लेकर 3 साल तक के होते हैं। भारत के कुछ प्रतिष्ठित संस्थान हैं जो इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स ऑफर करते हैं, जैसे NIFT दिल्ली, चंडीगढ़ विश्विद्यालय, पर्ल एकेडमी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), INIFD और सिम्बायोसिस इंटरनेशनल।
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद आप इंटीरियर डिजाइनर, प्रोडक्ट डिजाइनर, कंसल्टेंट, डिजाइन जर्नलिस्ट्स जैसी प्रोफाइल पर काम कर सकते हैं। यदि आप इंटीरियर डिजाइन कोर्स से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें।
| विवरण | जानकारी |
| इंटीरियर डिजाइन कोर्स लेवल | UG, PG, PhD, डिप्लोमा और सर्टिफिकेशन |
| इंटीरियर डिजाइन कोर्स ड्यूरेशन | UG: 3 से 4 वर्ष PG: 2 वर्ष PhD: 5 वर्ष डिप्लोमा: 1 से 2 वर्ष सर्टिफिकेट: 1 वर्ष |
| इंटीरियर डिजाइन कोर्स के लिए योग्यता | UG: मान्यता प्राप्त संसथान या बोर्ड से 12वीं कक्षा पास। PG: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री। PhD: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री। डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संसथान या बोर्ड से 12वीं कक्षा पास। |
| इंटीरियर डिजाइन कोर्स का एडमिशन क्राइटेरिया | मेरिट बेस्ड और एंट्रेंस बेस्ड |
| प्रमुख प्रवेश परीक्षा | CUET UG, UCEED, NID एंट्रेंस, SEED, NIFT एंट्रेंस, CUET PG, CEED और JEECUP आदि। |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | इंटीरियर डिजाइनर, स्पेस मैनेजर, फर्नीचर डिज़ाइनर, कंसल्टेंट और डिजाइन जर्नलिस्ट्स। |
| प्रमुख संस्थान | NIFT दिल्ली, पर्ल अकादमी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, INIFD, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल और अकादमी ऑफ एप्लाइड आर्ट्स, नई दिल्ली आदि। |
This Blog Includes:
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स क्यों करें?
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के प्रकार
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स की योग्यता
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के लिए आवदेन प्रक्रिया
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स की फीस
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स का सिलेबस
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- FAQs
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स क्यों करें?
नीचे दिए गए बिंदुओं में आपको इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- क्रिएटिविटी का अवसर: इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के माध्यम से आप अपनी कल्पना और डिजाइन आइडियाज को आजमा सकते हैं और जगहों को सुंदर और कामकाजी बना सकते हैं।
- बेहतर करियर अपॉर्चुनिटीज: भारत में रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और कमर्शियल स्पेस डिजाइन की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए यह एक तेजी से बढ़ता हुआ सेक्टर है, जिसमें आपको देश के अलावा विदेश में भी बेहतर करियर अपॉर्चुनिटीज मिलती हैं। आज हर जगह प्रोफेशनल इंटीरियर डिजाइनरों की मांग बढ़ गई है।
- करियर के विविध अवसर: इंटीरियर डिजाइन इंडस्ट्री में आपको अपनी रुचि अनुसार करियर चुनने का विकल्प मिलता है।
- पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ: इस कोर्स के माध्यम से आप कम्युनिकेशन, प्रॉब्लम सॉल्विंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसी स्किल्स सीखते हैं, जो आपके पर्सनल और प्रोफेशनल करियर में बहुत काम आती है।
- प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस: इंटीरियर डिजाइनिंग में इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से आपको अकादमिक नॉलेज को वर्क प्लेस में आजमाने का मौका मिलता है।
- नए ट्रेंड्स सीखते रहना: यहां आप इंडस्ट्री के नवीनतम ट्रेंड और बदलती जरूरतों के अनुसार अपनी नॉलेज और स्किल्स को प्रासंगिक बनाए रख सकते हैं।
- सेल्फ एम्प्लॉयमेंट की अपॉर्चुनिटी: इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स कंप्लीट करने के बाद आप फ्रीलांसिंग, अपना डिजाइन स्टूडियो, कंसल्टेंसी या फर्नीचर डिजाइन जैसे बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। इसलिए यह कोर्स केवल नौकरी तक सीमित नहीं है।
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड
भारत में इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, PhD, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट लेवल पर मान्यता प्राप्त विभिन्न संस्थानों द्वारा ऑफर किए जाते हैं। यह सभी कोर्स आप फुल टाइम मोड में, अंग्रेजी मीडियम में कर सकते हैं। हालांकि इन सभी कोर्सेज की अवधि अलग-अलग होती है। सामान्यतः कोर्स की अवधि इस प्रकार होती है:
| कोर्स का प्रकार | अवधि |
| सर्टिफिकेट कोर्स | 1 वर्ष |
| डिप्लोमा | 1 से 2 वर्ष |
| UG प्रोग्राम | 3 से 4 वर्ष |
| PG | 2 वर्ष |
| PhD | 5 वर्ष |
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स में मूल रूप से डिजाइन प्रिंसिपल्स, स्पेस प्लानिंग, कलर-लाइट स्टडीज, मटेरियल सिलेक्शन, तकनीकी ड्रॉइंग-AutoCAD, 3D विज़ुअलाइजेशन और प्रेजेंटेशन स्किल जैसे विषय शामिल होते हैं, ताकि आप किसी स्थान को सुंदर, सुरक्षित और कार्यात्मक रूप से डिजाइन करना सीखें। इसके अलावा स्टूडियो‑प्रोजेक्ट, केस स्टडी और प्रोजेक्ट वर्क भी कोर्स का हिस्सा होते हैं, जिससे आपको प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलता है। वहीं टीचिंग मेथड के लिए आमतौर पर क्लास लेक्चर, वर्कशॉप, प्रोजेक्ट बेस्ड असाइनमेंट और सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग जैसे मोड अपनाए जाते हैं।
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के प्रकार
आप अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार इन प्रमुख इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्सेज में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:
अंडरग्रेजुएट कोर्सेज
- B.Des इन इंटीरियर डिजाइन
- बीएससी इन इंटीरियर डिजाइन
- बीए (ऑनर्स) इंटीरियर डिजाइन
पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज
- MDes इन इंटीरियर डिजाइन
- एमएसी इन इंटीरियर डिजाइन
- मास्टर इन इंटीरियर आर्किटेक्चर
पीएचडी कोर्स
- पीएचडी इन इंटीरियर डिजाइन
डिप्लोमा कोर्सेज
- डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन
- एडवांड्स डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन (AID)
सर्टिफिकेट कोर्सेज
- सर्टिफिकेट इन इंटीरियर डिजाइन
- सर्टिफिकेट इन स्टाइलिंग फॉर इंटीरियर्स
- सर्टिफिकेशन इन कंप्यूटर ऐडेड इंटीरियर डिजाइन (CAID)
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स की योग्यता
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:
- शैक्षणिक योग्यता: आपने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 या समकक्ष परीक्षा किसी भी स्ट्रीम से पास की हो। इसके बाद ही आप सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि पोस्ट ग्रेजुशन करने के लिए आपको न्यूनतम 55% अंकों के साथ ग्रेजुएशन करना अनिवार्य होगा।
- न्यूनतम अंक: भारत के अधिकांश संस्थानों में चयनित कोर्स में एडमिशन के लिए न्यूनतम 55% अंक आवश्यक होते हैं; हालांकि कुछ संस्थानों में यह अधिक हो सकता है या आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
- आयु सीमा: सामान्यतः इस कोर्स के लिए कोई न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा नहीं होती।
- प्रवेश प्रक्रिया: भारत के कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के लिए राष्ट्रीय, राज्य और विश्वविद्यालय स्तरीय प्रवेश परीक्षा (जैसे CUET UG, UCEED, NID एंट्रेंस, NIFT Entrance, CUET PG, JEECUP, SEED) आयोजित की जाती है। हालांकि कुछ संस्थानों में मेरिट बेस्ड एडमिशन भी दिया जाता है।
नोट: आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान में अप्लाई करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से एडमिशन क्राइटेरिया की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए भारत की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है:
| प्रवेश परीक्षा का नाम | प्रवेश परीक्षा की तिथि |
| CUET UG 2026 | 11 मई – 31 मई, 2026 |
| UCEED 2026 | 18 जनवरी, 2026 |
| NID एंट्रेंस 2026 | 21 दिसंबर, 2025 |
| NIFT एंट्रेंस 2026 | 8 फरवरी, 2026 |
| CUET PG 2026 | 6 मार्च – 27 मार्च, 2026 |
| JEECUP 2026 | 15 मई – 22 मई, 2026 |
| SEED 2026 | राउंड 1: 11 जनवरी, 2026 राउंड 2: 22 मार्च, 2026 |
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के लिए आवदेन प्रक्रिया
संबंधित इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। वहीं, अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:
- चयनित इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद संबंधित इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स का चयन करें।
- अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें।
- इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें।
- यदि एडमिशन प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
- अपनी सीट कंफर्म करने के लिए तय डेडलाइन के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं और निर्धारित एडमिशन फीस सबमिट करने के बाद एडमिशन कंफर्म करें।
- ध्यान रखें कि एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, चयनित इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होता है।
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट
- ग्रेजुएशन डिग्री और मार्कशीट (पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए)
- फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
- अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
यहां भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों और विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है, जहां से आप अपनी योयता और रुचि अनुसार इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स कर सकते हैं:
| कोर्स लेवल | प्रमुख कॉलेज |
ग्रेजुएशन कोर्सेज | राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) |
| राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) | |
| CEPT विश्वविद्यालय | |
| वोग इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट एंड डिजाइन (VIAD), बैंगलोर | |
| पर्ल एकेडमी | |
| लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा | |
| भारतीय कला एवं डिजाइन संस्थान (IIAD), नई दिल्ली | |
| ARCH कॉलेज ऑफ डिजाइन एंड बिजनेस, जयपुर | |
पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज | राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, अहमदाबाद |
| CEPT विश्वविद्यालय | |
| भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गुवाहाटी | |
| पर्ल एकेडमी | |
| यूनाइटेड वर्ल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (UID), अहमदाबाद (कर्णावती विश्वविद्यालय) | |
| इंटरनेशनल स्कूल ऑफ डिजाइन (INSD) | |
| एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा | |
डिप्लोमा कोर्सेज | एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, नई दिल्ली |
| जेडी इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी | |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन एंड डिजाइन (IIFD), चंडीगढ़ | |
| ITM ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस | |
| वोग इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट एंड डिजाइन (VIAD), बैंगलोर | |
| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU), उत्तर प्रदेश | |
| पारुल विश्वविद्यालय, वड़ोदरा | |
| फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे | |
| YMCA, नई दिल्ली | |
सर्टिफिकेट कोर्सेज | पर्ल एकेडमी |
| राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT), नई दिल्ली | |
| हैमस्टेक कॉलेज ऑफ क्रिएटिव एजुकेशन, हैदराबाद | |
| आदित्य कॉलेज ऑफ डिजाइन स्टडीज (ACDS), मुंबई | |
| सेज यूनिवर्सिटी, इंदौर |
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स की फीस
भारत में मान्यता प्राप्त संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस सरकारी और प्राइवेट कॉलेज, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। यहां आपके लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स की औसत फीस रेंज एक रेफरेंस के तौर पर गई है:
| ग्रेजुएशन कोर्स की फीस रेंज | ||
| संस्थान का प्रकार | न्यूनतम वार्षिक फीस (INR) | अधिकतम वार्षिक फीस (INR) |
| सरकारी संस्थान | INR 40,000 | INR 5 लाख |
| प्राइवेट संस्थान | INR 3 लाख | INR 10 लाख |
| पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की फीस रेंज | ||
| सरकारी संस्थान | INR 63,000 | INR 4.5 लाख |
| प्राइवेट संस्थान | INR 4.88 लाख | INR 18.5 लाख |
| डिप्लोमा कोर्स की फीस रेंज | ||
| सरकारी संस्थान | INR 50,000 | INR 1.2 लाख |
| प्राइवेट संस्थान | INR 1.5 लाख | INR 3.87 लाख |
| सर्टिफिकेट कोर्स की फीस रेंज | ||
| सरकारी संस्थान | INR 10,000 | INR 50,000 |
| प्राइवेट संस्थान | INR 50,000 | INR 1.5 लाख |
नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान या कॉलेज में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स का सिलेबस
भारत के विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों में कोर्स के स्तर के अनुसार इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य चेक कर लें।
यहां ‘B.Des इन इंटीरियर एंड स्थानिक डिजाइन’ का सिलेबस ‘मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज’ की आधिकारिक वेबसाइट manavrachna.edu.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
अंडरग्रेजुएट सिलेबस
| प्रथम सेमेस्टर | |
| फाउंडेशन ऑफ डिजाइन | फ्रीहैंड, आर्ट एंड ड्रॉइंग |
| डिजाइन थिंकफुलनेस एंड इनोवेशन | यूज़र रिसर्च |
| अप्रिसिएशन ऑफ आर्ट एंड डिजाइन | |
| द्वितीय सेमेस्टर | |
| फाउंडेशन ऑफ डिजाइन | रेंडरिंग डिजाइन इलस्ट्रेशन्स |
| ज्योमेट्रिकल कंस्ट्रक्शन टेक्नीक्स | डिजिटल डिजाइन एंड इमेज एडिटिंग |
| डिजिटल स्किल्स | आर्ट एंड डिजाइन अप्रिसिएशन |
| तृतीय सेमेस्टर | |
| डिजाइन स्टूडियो | कंस्ट्रक्शन टेक्नीक्स |
| किचन डिजाइन | कंप्यूटर एडेड डिजाइन |
| मटेरियल स्टडीज़ | इंटीरियर एक्सेसरीज |
| चतुर्थ सेमेस्टर | |
| डिजाइन स्टूडियो – 2 | कंस्ट्रक्शन टेक्नीक्स |
| बाथ डिजाइन | कंप्यूटर एडेड डिजाइन |
| फर्नीचर डिजाइन एंड कंस्ट्रक्शन | मटेरियल स्टडीज |
| पांचवां सेमेस्टर | |
| डिजाइन स्टूडियो | कंस्ट्रक्शन टेक्नीक्स |
| लैंडस्केप डिजाइन | लाइटिंग डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी |
| बिल्डिंग सर्विसेज एंड सिस्टम | |
| छठा सेमेस्टर | |
| डिजाइन स्टूडियो | एनवायरनमेंटल इंटीरियर्स |
| प्रेजेंटिंग अ पोर्टफोलियो | प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड बिजनेस एथिक्स |
| कैलकुलेटिंग एंड बजटिंग | |
| सातवां सेमेस्टर | |
| इंडस्ट्री इंटर्नशिप | |
| आठवां सेमेस्टर | |
| थीसिस प्रोजेक्ट | इंटेलिजेंट इंटीरियर्स |
| एग्ज़िबिशन एंड सेट डिजाइनिंग | वास्तु एंड फेंग शुई |
पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस
यहां ‘मास्टर ऑफ इंटीरियर डिजाइन’ कोर्स का सिलेबस एमिटी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट amity.edu के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:
| प्रथम सेमेस्टर | |
| इको फ्रेंडली एंड सस्टेनेबल डिजाइन | 3D कंप्यूटर एप्लीकेशन (सिमुलेशन एंड मॉडलिंग) |
| एडवांस्ड इंटीरियर डिजाइन स्टूडियो 1 | एडवांस्ड इंटीरियर्स मटेरियल्स एंड कंस्ट्रक्शन टेक्नीक्स 1 |
| द्वितीय सेमेस्टर | |
| एनर्जी एफिशिएंट एंड इंटेलिजेंट इंटीरियर्स (E&I) | इंटीरियर अकॉस्टिक्स |
| वास्तुशास्त्र एंड फेंग शुई | ट्रेडिशनल एंड कंटेम्पररी फर्नीचर डिजाइन |
| कंप्यूटर एप्लीकेशन (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट) | एडवांस्ड इंटीरियर डिजाइन स्टूडियो 2 (वर्किंग ड्रॉइंग) |
| एडवांस्ड इंटीरियर मटेरियल एंड कंस्ट्रक्शन टेक्नीक्स 2 | |
| तृतीय सेमेस्टर | |
| रिसर्च सेमिनार | थीसिस प्रोजेक्ट 1 |
| इंटीरियर एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट | स्पेस एर्गोनॉमिक्स एंड एंथ्रोपोमेट्रिक्स |
| विज़ुअल मर्चेंडाइजिंग | एडवांस्ड इंटीग्रेटेड इंटीरियर सर्विसेज |
| डिजाइन फॉर स्पेशल पॉपुलेशन | डिजाइन थ्योरी एंड रिसर्च |
| चतुर्थ सेमेस्टर | |
| इंडस्ट्री इंटर्नशिप | |
डिप्लोमा सिलेबस
यहां एक वर्षीय ‘डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन’ कोर्स का सिलेबस YMCA, नई दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:
| प्रथम सेमेस्टर | |
| बेसिक्स ऑफ डिजाइन | ग्राफिक्स |
| मटेरियल्स – 1 | फर्नीचर डिजाइन |
| इंग्लिश कम्युनिकेशन एंड सॉफ्ट स्किल्स | ऑटोकैड |
| द्वितीय सेमेस्टर | |
| एडवांस डिजाइनिंग | मटेरियल्स – 2 |
| ऑटोकैड | बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन |
| ड्रॉइंग टेक्नीक्स ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग | इंटीरियर डिजाइन प्रोजेक्ट वर्क – 1 |
सर्टिफिकेट सिलेबस
यहां एक वर्षीय ‘सर्टिफिकेट इन इंटीरियर डिजाइन’ कोर्स का सिलेबस ‘निर्मला निकेतन गृह विज्ञान महाविद्यालय’, मुंबई की आधिकारिक वेबसाइट nirmalaniketan.com के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:
| सर्टिफिकेट कोर्स सिलेबस | |
| कंपोनेंट्स ऑफ डिजाइन एंड मटेरियल्स यूज़्ड (थ्योरी) | फर्नीचर कंस्ट्रक्शन (प्रैक्टिकल) |
| बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन (प्रैक्टिकल) | डिजाइन बेसिक्स (प्रैक्टिकल) |
| सर्विसेज (प्रैक्टिकल) | सॉलिड ज्योमेट्री एंड पर्सपेक्टिव व्यू (प्रैक्टिकल) |
| कंप्यूटर एप्लीकेशंस | |
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
आप संबंधित इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:
- सरकारी और पब्लिक सेक्टर प्रोजेक्ट्स
- इंटीरियर कंसल्टेंसी
- कमर्शियल इंटीरियर डिजाइन
- रेसिडेंशियल इंटीरियर डिजाइन
- रिटेल और विज़ुअल मर्चेंडाइजिंग
- फर्नीचर डिजाइन सेक्टर
- 3D विज़ुअलाइजेशन और CAD डिजाइन
- फिल्म या इवेंट का सेट डिजाइन
- एग्ज़िबिशन डिजाइन
- लैंडस्केप और आउटडोर डिजाइन
- हॉस्पिटैलिटी डिजाइन
- किचन और मॉड्यूलर डिजाइन
- शिक्षण और रिसर्च
इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
संबंधित इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स कंप्लीट करने के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टर और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध डेटा के अनुसार नीचे दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| इंटीरियर डिजाइनर | 4.1 लाख – 4.6 लाख |
| विजुअल मर्चेंडाइजर | 4 लाख – 4.4 लाख |
| इंटीरियर आर्किटेक्ट | 4.8 लाख – 5.8 लाख |
| एग्जिबिशन डिजाइनर | 4.1 लाख – 4.5 लाख |
| किचन डिजाइनर | 3.4 लाख – 4.7 लाख |
| एक्सेसिबिलिटी कंसल्टेंट | 10.7 लाख – 13 लाख |
| लाइटिंग डिजाइनर | 5.1 लाख – 5.6 लाख |
| गिग हॉस्पिटैलिटी विजुअल डिजाइनर | 4.7 लाख – 5.2 लाख |
| फर्नीचर डिजाइनर | 5.1 लाख – 6.5 लाख |
| कलर कंसल्टेंट | 3 लाख – 3.5 लाख |
| लैंडस्केप आर्किटेक्चर | 8.1 लाख – 9 लाख |
| सस्टेनेबिलिटी कंसल्टेंट | 8.9 लाख – 10.3 लाख |
FAQs
एक प्रोफेशनल इंटीरियर डिजाइनर इनडोर स्पेस को फंक्शनल, सुरक्षित और सौंदर्यपूर्ण बनाने के लिए उसकी योजना, डिजाइन और डेकोरेशन करता है।
इंटीरियर डिजाइनर बनने के लिए आमतौर पर इंटीरियर डिजाइन में डिप्लोमा या बैचलर डिग्री जैसे B.Des या बीएससी इन इंटीरियर डिजाइन करना आवश्यक होता है।
इंटीरियर डिजाइनरों का भविष्य उज्ज्वल माना जाता है क्योंकि शहरीकरण और रियल एस्टेट डेवलपमेंट के कारण इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
आप बिना औपचारिक डिग्री के भी इंटीरियर डिजाइनर बन सकते हैं, यदि आपके पास क्रिएटिव पोर्टफोलियो, आवश्यक डिजाइन स्किल्स और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस हो। हालांकि स्थायी नौकरी के लिए आपके पास इंटीरियर डिजाइनिंग में आवश्यक डिग्री होना जरुरी है।
इंटीरियर डिजाइन का कोर्स आमतौर पर 1-2 वर्ष का डिप्लोमा, 3 से 4 वर्ष की बैचलर डिग्री और 2 वर्ष का मास्टर डिग्री कोर्स होता है।
संबंधित लेख पढ़ें:
| फैशन डिजाइनिंग कोर्स की पूरी जानकारी | BHM कोर्स क्या है? |
| 12वीं के बाद आर्ट्स स्टूडेंट क्या करें? | BASLP कोर्स क्यों करें? |
आशा है कि इस लेख में आपको इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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