सीए कैसे बनें: छात्रों के लिए करियर गाइड

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चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) वह प्रोफेशनल अकाउंटिंग स्पेशलिस्ट होता है जो अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑडिट और वित्तीय परामर्श से संबंधित सेवाएं प्रदान करता है। भारत में CA की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे कंपनियों, बैंकों, PSUs और सरकारी संस्थानों के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स को वेरिफाई करके ट्रांसपेरेंसी और ट्रस्ट बनाए रखते हैं। वैश्विक स्तर पर भी सीए की मांग उच्च है, विशेषकर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों के कारण।

भारत में सीए कोर्स का संचालन और नियमन ‘इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (ICAI) द्वारा किया जाता है, जिसकी स्थापना संसद के एक अधिनियम के तहत 1949 में हुई थी। ICAI ही परीक्षा, रजिस्ट्रेशन और सदस्यता प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। यह इंस्टिट्यूट भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य करता है। यदि आप भी CA बनना चाहते हैं और इसकी पूरी प्रक्रिया को जानना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें।

सीए की प्रमुख जिम्मेदारियां 

चार्टर्ड अकाउंटेंट के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:

  • फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और अकाउंटिंग: फाइनेंशियल स्टेटमेंट तैयार करना, अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के अनुसार सत्यापन और रिपोर्ट बनाना ताकि कंपनियों एवं व्यक्तियों की फाइनेंशियल स्थिति स्पष्ट हो।
  • ऑडिट: वार्षिक ऑडिट, टैक्स ऑडिट और अन्य आवश्यक ऑडिट करना। ताकि पता चल सके कि अकाउंटिंग नियमों और कानूनों के अनुरूप सब रिकॉर्ड ठीक से रखे गए हैं या नहीं।
  • टैक्सेशन: इनकम टैक्स, GST आदि के तहत टैक्स प्लानिंग, रिटर्न फाइलिंग, टैक्स सेविंग स्ट्रैटेजी देना और नियमों के अनुरूप टैक्स प्लानिंग बनाना।
  • वित्तीय परामर्श: इन्वेस्टमेंट, बजट, व्यापार विस्तार, मर्जर/एक्विजिशन आदि के लिए फाइनेंशियल सलाह देना और व्यवसायिक निर्णयों में रणनीति तैयार करना।
  • सतर्कता एवं फोरेंसिक अकाउंटिंग: कंपनी के वित्तीय डेटा में अनियमितताओं, धोखाधड़ी या वित्तीय असामान्यताओं की जांच कर उनकी सही जानकारी सामने लाना।
  • बजट और फाइनेंस मैनेजमेंट: बजट तैयार करना, कैश‑फ्लो मैनेजमेंट और संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए वित्तीय नियंत्रण स्थापित करना ताकि संगठन की आर्थिक योजनाओं का विस्तार हों।
  • रिस्क मैनेजमेंट: चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने क्लाइंट के फाइनेंशियल रिस्क को पहचानते हैं और उनका सही तरीके से मैनेजमेंट करते हैं। वे वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करते हैं ताकि किसी भी संभावित नुकसान या रिस्क को समय रहते रोका जा सके।

सीए बनने के लिए योग्यता 

भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए सामान्य योग्यता इस प्रकार है:

  • शैक्षिक योग्यता: सीए बनने के लिए 12वीं कक्षा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास होना आवश्यक है। इसके लिए किसी खास स्ट्रीम की बाध्यता नहीं है। यह फाउंडेशन कोर्स में एडमिशन की न्यूनतम शर्त है।
  • ग्रेजुएशन के आधार पर डायरेक्ट एंट्री: यदि आपने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 55% अंक प्राप्त कर ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है, तो आप फाउंडेशन परीक्षा को छोड़कर सीधे इंटरमीडिएट स्तर पर एडमिशन ले सकते हैं। 
  • फाइनल परीक्षा: ध्यान रखें कि सीए बनने के लिए फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और आखिर में फाइनल तीनों परीक्षाएं पास करना अनिवार्य है। इसमें प्रत्येक विषय में न्यूनतम 40% और कुल मिलाकर 50% अंक प्राप्त करना आवश्यक है।
  • आर्टिकलशिप कंप्लीट करें: चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए ICAI द्वारा मान्यता प्राप्त फर्म में 3 साल की ‘स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट’ और ऑडिट की इंटर्नशिप पूरी करना अनिवार्य है, जिससे प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलता है।
  • आयु सीमा: भारत में सीए परीक्षा देने की कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है। यानी आप किसी भी उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए अप्लाई कर सकते हैं, बस आपको बाकी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

सीए बनने के लिए आवश्यक स्किल्स

एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने के लिए सही शैक्षणिक योग्यता के साथ आवश्यक प्रोफेशनल स्किल्स का होना अनिवार्य है, जैसे:

  • एडवांस्ड फाइनेंशियल नॉलेज: सीए को फाइनेंशियल कॉन्सेप्ट्स, अकाउंटिंग सिद्धांतों और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स की गहरी समझ होना आवश्यक है। फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स का विश्लेषण कर सही निर्णय लेना सीए की मुख्य जिम्मेदारी है।
  • एनालिटिकल एंड प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स: सीए के पास मुश्किल फाइनेंशियल सिचुएशन में बिज़नेस से जुड़ी चुनौतियों को समझकर उनके प्रैक्टिकल समाधान निकालने की क्षमता होनी चाहिए।
  • सूक्ष्म विवरण पर ध्यान: अकाउंटिंग और ऑडिट कार्य में सटीकता बेहद महत्वपूर्ण है। छोटी सी गलती भी बड़े वित्तीय प्रभाव डाल सकती है, इसलिए हर विवरण पर ध्यान देना जरूरी है।
  • एथिकल कंडक्ट: प्रोफेशनल एथिक्स, ईमानदारी और निष्पक्षता का पालन करना CA की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
  • कम्युनिकेशन स्किल्स: क्लाइंट्स और ऑर्गनाइजेशंस को मुश्किल फाइनेंशियल जानकारी सरल और स्पष्ट भाषा में समझाने की क्षमता होनी चाहिए।
  • टाइम मैनेजमेंट: एक साथ कई असाइनमेंट और स्ट्रिक्ट डेडलाइंस को संभालने के लिए कार्यों को प्राथमिकता देना और समय का सही उपयोग करना आवश्यक है।
  • एडेप्टेबिलिटी एंड लीडरशिप: बदलते नियमों और मानकों के साथ स्वयं को अपडेट रखना, लगातार सीखना तथा टीम का नेतृत्व और सहयोग करने की क्षमता विकसित करना महत्वपूर्ण है।

सीए कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए आपको ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (ICAI) द्वारा संचालित सीए कोर्स पूरा करना होता है। सीए बनने के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा चरण और वर्क एक्सपीरियंस की शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इस लक्ष्य को हासिल करने की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होती है:

स्टेप 1: सीए फाउंडेशन कोर्स करें

सीए फाउंडेशन कोर्स, सीए बनने का सबसे पहला स्टेप है। फाउंडेशन लेवल की परीक्षा देने के लिए आपको सबसे पहले 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है। इसके बाद आपको ICAI में रजिस्ट्रेशन करना होगा और चार महीने का स्टडी पीरियड पूरा करना होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट कोर्स में इस एंट्री रूट के लिए कॉमर्स स्ट्रीम से ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट छात्र अप्लाई कर सकते हैं, जिनका न्यूनतम स्कोर 55% हो। इसके साथ ही उनकी पढ़ाई में अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, कॉर्पोरेट/मर्केंटाइल लॉ, इकोनॉमिक्स, कॉस्टिंग, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, टैक्सेशन, मैनेजमेंट अकाउंटिंग या इनके समकक्ष विषय शामिल होने चाहिए।

वहीं यदि आप नॉन‑कॉमर्स स्ट्रीम से ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट हैं, तो आपको किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी (ओपन यूनिवर्सिटी सहित) से परीक्षा में न्यूनतम 60% या बराबर ग्रेड हासिल करना होगा। ध्यान रखें कि सीए फाउंडेशन के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद वह 3 साल तक वैध रहता है। यदि आप इस अवधि में फाउंडेशन परीक्षा पास नहीं कर पाते, तो रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करना जरूरी होता है। सीए फाउंडेशन कोर्स की हर साल जनवरी, मई और सितंबर महीने में परीक्षा होती है। 

स्टेप 2: सीए इंटरमीडिएट कोर्स करें

चार्टर्ड अकाउंटेंट कोर्स में डायरेक्ट रूट उनके लिए है जिन्होंने ICWA या ICSI की इंटरमीडिएट परीक्षा पास की हो। ऐसे में फाउंडेशन परीक्षा पास करने की जरूरत नहीं होती और आप सीधे इंटरमीडिएट कोर्स में रजिस्टर कर सकते हैं। अगर आप ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में हैं, तो आप प्रोविजनल बेसिस पर इंटरमीडिएट कोर्स के लिए रजिस्टर कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन रेगुलर तभी माना जाएगा, जब आप छह महीने के भीतर फाइनल ईयर की मार्कशीट या पासिंग सर्टिफिकेट जमा करेंगे और ‘सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्ट स्किल्स का एकीकृत पाठ्यक्रम’ (ICITSS) सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन के दौरान भी आप ICITSS को शुरू और पूरा कर सकते हैं। एक बार रजिस्ट्रेशन करने के बाद यह 4 साल के लिए मान्य रहता है। न्यू स्कीम 2024 से पहले, CA इंटरमीडिएट में कुल 8 पेपर (दो ग्रुप में 4-4 पेपर) होते थे, किंतु सीए न्यू स्कीम 2025 के तहत CA इंटरमीडिएट में 6 पेपर (दो ग्रुप में 3-3 पेपर) होते है। 

यह भी पढ़ें: CA कोर्स की जानकारी

स्टेप 3: आर्टिकलशिप ट्रेनिंग पूरी करें

CA कोर्स के तहत इंटरमीडिएट का कम से कम एक ग्रुप पास करने के बाद आपको किसी प्रैक्टिसिंग CA या रजिस्टर्ड फर्म के गाइडेंस में 2 वर्ष की आर्टिकलशिप ट्रेनिंग पूरी करनी होती है, जिसमें अकाउंटिंग, ऑडिटिंग और टैक्सेशन का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त आपको ‘एडवांस्ड इंटीग्रेटेड कोर्स ऑन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड सॉफ्ट स्किल्स’ (AICITSS) पूरा करना अनिवार्य है, जो फाइनल परीक्षा में बैठने से पहले आवश्यक है।

स्टेप 4: सीए फाइनल कोर्स करें

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की आखिरी स्टेज CA फाइनल परीक्षा है। इसमें अलग-अलग सब्जेक्ट के एडवांस्ड टॉपिक कवर होते हैं। इस परीक्षा को देने के लिए आपको सीए इंटरमीडिएट के दोनों ग्रुप के हर सब्जेक्ट में कम से कम 40% और कुल 50% अंकों के साथ पास होना जरूरी है। सीए फाइनल परीक्षा में भी इंटरमीडिएट की तरह ही 6 पेपर होते है।

सीए फाइनल के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद यह 5 साल तक वैध रहता है। अगर आप इस अवधि में परीक्षा पास नहीं कर पाते, तो आपको फिर से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है।

सीए फाइनल परीक्षा पास करने और सभी अनिवार्य ट्रेनिंग व प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्राप्त करने के बाद आप ICAI की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं और आधिकारिक रूप से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बन सकते हैं।

सीए बनने के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप सीए बनने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना सुनहरा करियर बना सकते हैं:

  • प्राइवेट सीए फर्म्स
  • कॉर्पोरेट सेक्टर
  • सरकारी सेक्टर
  • बैंक 
  • टैक्स कंसल्टेंसी
  • फाइनेंशियल एडवाइजरी
  • बिजनेस कंसल्टिंग
  • रिस्क मैनेजमेंट और कंप्लायंस
  • अकादमिक और एजुकेशन सेक्टर 
  • अंतरराष्ट्रीय करियर अवसर
  • फ्रीलांस प्रैक्टिस 

सीए करने के बाद प्रमुख जॉब प्रोफाइल और सैलरी

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइलअनुमानित वार्षिक सैलरी (INR)
टैक्स कंसल्टेंट7.5 लाख – 8.2 लाख
ऑडिटर4.7 लाख – 5.2 लाख
फाइनेंशियल एनालिस्ट6.2 लाख – 6.8 लाख
कॉर्पोरेट फाइनेंस मैनेजर19 लाख – 21 लाख
अकाउंटेंट3.2 लाख – 3.5 लाख
आंतरिक ऑडिटर5.7 लाख – 6.3 लाख
स्टेट्यूटरी ऑडिटर9.9 लाख – 11 लाख
इंवेस्टमेंट बैंकर16.9 लाख – 21 लाख
फाइनेंशियल कंसल्टेंट6.2 लाख – 6.9 लाख
फोरेंसिक अकाउंटेंट6.9 लाख – 7.7 लाख

सीए बनाम अन्य अकाउंटिंग प्रोफेशन 

यहां अकाउंटेंट, चार्टर्ड अकाउंटेंट और सर्टिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट (CCA) के बीच मुख्य अंतर की जानकारी दी गई है:

बिंदुअकाउंटेंटचार्टर्ड अकाउंटेंटसर्टिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट (CCA)
योग्यता कोई अनिवार्य पेशेवर परीक्षा नहीं। ICAI द्वारा परीक्षा और अनिवार्य आर्टिकलशिप।  ACCA द्वारा निर्धारित मॉड्यूलर परीक्षा व वर्क एक्सपीरियंस प्राप्त करना अनिवार्य। 
पेशेवर मान्यताडिग्री या डिप्लोमा होने के बावजूद कोई विशिष्ट लाइसेंस आवश्यक नहीं।सरकारी मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल डिग्री, जिसे ICAI द्वारा दिया जाता है।ACCA सदस्यता के आधार पर वैश्विक चार्टर्ड सर्टिफिकेशन। 
मुख्य कार्य दैनिक अकाउंटिंग, लेजर अकाउंट, बुककीपिंग,  पे‑रोल आदि।टैक्स फाइलिंग, ऑडिट, मैनेजमेंट अकाउंटिंग, कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग आदि।   इंटरनेशनल ऑडिट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, टैक्स फाइलिंग, ऑडिट, मैनेजमेंट अकाउंटिंग, कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग आदि।
कार्य क्षेत्र सार्वजनिक, सरकारी और प्राइवेट सेक्टर सार्वजनिक, सरकारी और प्राइवेट सेक्टर सार्वजनिक, सरकारी और प्राइवेट सेक्टर 
पेशेवर विकास आवश्यक नहीं हमेशा इंडस्ट्री में होने वाले नए बदलावों के बारे में अपडेट रहना और प्रोफेशनल डेवलपमेंट के लिए प्रतिबद्ध रहना। हमेशा इंडस्ट्री में होने वाले नए बदलावों के बारे में अपडेट रहना और प्रोफेशनल डेवलपमेंट के लिए प्रतिबद्ध रहना। 
वैश्विक मान्यतासीमितदेश‑विशेष मान्यता पर आधारित।विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन।

FAQs 

मैं अभी 12वीं क्लास में हूँ, तो मुझे CA फाउंडेशन की तैयारी कब से शुरू करनी चाहिए?

आपको CA फाउंडेशन की तैयारी 12वीं की परीक्षा के बाद से शुरू करनी चाहिए, क्योंकि उस समय आपके पास पर्याप्त समय होगा और आप पूरी तरह से फाउंडेशन कोर्स के लिए फोकस कर सकेंगे।

CA बनने के लिए कितनी परीक्षा होती हैं?

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए भारत में तीन मुख्य स्तर की परीक्षाएं होती हैं: फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल। 

क्या 12वीं आर्ट्स के बाद CA बन सकते हैं?

12वीं किसी भी स्ट्रीम (साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स) के बाद आप सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।

CA कितने साल का होता है?

भारत में CA कोर्स पूरा करने में सामान्यतः 4.5 से 5 वर्ष का समय लगता है, जिसमें फाउंडेशन, इंटरमीडिएट, फाइनल परीक्षा और आर्टिकलशिप शामिल हैं।

भारत में कितने CA कॉलेज हैं?

भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) का पाठ्यक्रम केवल ICAI के माध्यम से संचालित होता है और इसके लिए कोई अलग कॉलेज नहीं होते। ICAI के कैंपस और रजिस्टर्ड कोचिंग सेंटर हैं जो पूरे भारत में मौजूद हैं।

CA का काम क्या होता है?

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन, फाइनेंसियल प्लानिंग और कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग जैसे कार्य करते हैं।

CA के लिए किस प्रकार का गणित आवश्यक है?

CA कोर्स के लिए कोई उच्च स्तरीय या पूर्व-कैल्कुलस गणित अनिवार्य नहीं है; मूल अंकगणित, प्रतिशत, अनुपात, और वित्तीय गणना की समझ पर्याप्त है। मुख्य फोकस अकाउंटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंसियल विश्लेषण पर होता है, इसलिए गणित केवल व्यावहारिक स्तर पर आवश्यक है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आपको सीए बनने से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

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