डायलिसिस कोर्स डिटेल्स: सिलेबस, एडमिशन प्रोसेस, फीस और करियर स्कोप 

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यदि आपने 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से पास की है और अब आप हेल्थकेयर सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आप डायलिसिस कोर्स करने पर विचार कर सकते हैं। डायलिसिस एक ऐसी प्रक्रिया है, जो गुर्दों के खराब हो जाने पर रोगी के रक्त को फ़िल्टर करके शरीर से विषाक्त पदार्थों, अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थों को निकालती है।

इस तरह डायलिसिस किडनी की कुछ कार्यप्रणाली की पूर्ति करता है और रोगी को लंबे समय तक जीवित रहने में मदद करता है। भारत में डायलिसिस कोर्स विभिन्न स्तरों पर ऑफर किए जाते हैं, जिनमें UG, PG, डिप्लोमा, सर्टिफिकेशन और PhD शामिल हैं। यह कोर्स करने के बाद आप अस्पतालों, डायलिसिस सेंटर्स और बायोमेडिकल उपकरण कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इस लेख में आपके लिए डायलिसिस कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी दी गई है। 

विवरण जानकारी 
कोर्स लेवल UG, PG, डिप्लोमा, सर्टिफिकेशन और PhD
अवधि UG: 3 वर्ष
PG: 2 वर्ष
PhD: 5 वर्ष
डिप्लोमा: 2 वर्ष
सर्टिफिकेट: 6 माह से 1 वर्ष 
योग्यता UG: 12वीं कक्षा PCB विषयों के साथ।
PG: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री।
PhD: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री।
डिप्लोमा: 12वीं कक्षा PCB विषयों के साथ। 
एडमिशन क्राइटेरिया मेरिट बेस्ड और एंट्रेंस बेस्ड 
प्रमुख प्रवेश परीक्षाCUET UG, MET व SVUCET आदि। 
प्रमुख जॉब प्रोफाइल डायलिसिस टेक्नीशियन, डायलिसिस असिस्टेंट, डायलिसिस थेरेपिस्ट, मेडिकल टेक्नीशियन और OT असिस्टेंट आदि। 
रोजगार के क्षेत्र अस्पताल, डायलिसिस क्लीनिक, किडनी केयर सेंटर्स, बायोमेडिकल उपकरण कंपनियां, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल, सर गंगा राम अस्पताल, AIIMS, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल व सफदरजंग अस्पताल आदि।
This Blog Includes:
  1. डायलिसिस कोर्स क्यों करें?
  2. डायलिसिस कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
  3. डायलिसिस कोर्स के प्रकार
    1. अंडरग्रेजुएट कोर्सेज 
    2. पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज
    3. डिप्लोमा कोर्सेज 
    4. सर्टिफिकेट कोर्सेज 
  4. डायलिसिस कोर्स की योग्यता
  5. डायलिसिस कोर्स की आवदेन प्रक्रिया 
  6. डायलिसिस कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
  7. डायलिसिस कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
  8. डायलिसिस कोर्स की फीस 
  9. डायलिसिस का सिलेबस
    1. अंडरग्रेजुएट सिलेबस                                                                
    2. पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस 
    3. डिप्लोमा सिलेबस 
  10. डायलिसिस कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 
  11. डायलिसिस कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
  12. FAQs 

डायलिसिस कोर्स क्यों करें?

नीचे दिए गए बिंदुओं में डायलिसिस कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:

  • किडनी रोग और क्रॉनिक किडनी डिज़ीज (CKD) के रोगियों की संख्या दुनियाभर में लगातार बढ़ने से डायलिसिस टेक्नीशियन की मांग हमेशा रहती है।
  • MBBS, MD और नर्सिंग कोर्स की तुलना में डायलिसिस कोर्स कम समय में पूरा हो जाता है। इससे आप जल्दी हेल्थकेयर सेक्टर में अपना करियर शुरू कर सकते हैं। 
  • यह कोर्स सिर्फ सामान्य हेल्थकेयर नहीं बल्कि डायलिसिस मशीन ऑपरेटिंग, मरीज मॉनिटरिंग, संक्रमण नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन जैसे टेक्निकल स्किल्स सिखाता है। 
  • प्रशिक्षित डायलिसिस टेक्नीशियन की डिमांड न केवल भारत में बल्कि ग्लोबल हेल्थ सेंटर्स, हॉस्पिटल्स और होम बेस्ड केयर सेटिंग्स में भी है। इससे आप विदेशों में भी अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं। 
  • यह कोर्स सिर्फ स्थायी नौकरी नहीं देता, बल्कि आपको उन रोगियों की मदद करने की स्किल्स प्रदान करता है जिनकी जिंदगी डायलिसिस पर निर्भर होती है। 

डायलिसिस कोर्स स्ट्रक्चर और मोड

भारत में डायलिसिस कोर्स अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और PhD स्तर पर मान्यता प्राप्त विभिन्न संस्थानों द्वारा ऑफर किए जाते हैं। इसलिए इन सभी कोर्सेज की अवधि अलग-अलग होती है। सामान्यतः कोर्स की अवधि इस प्रकार होती है:

कोर्स का प्रकारअवधि
सर्टिफिकेट कोर्स6 माह से 1 वर्ष
डिप्लोमा2 वर्ष
UG प्रोग्राम3 वर्ष
PG2 वर्ष
PhD5 वर्ष

इस कोर्स के दौरान आप डायलिसिस इक्विपमेंट ऑपरेशन, मरीज की रियल‑टाइम मॉनिटरिंग, वॉटर और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस मैनेजमेंट, इन्फेक्शन कंट्रोल टेक्निक्स तथा वैस्कुलर एक्सेस केयर जैसी प्रैक्टिकल स्किल्स सीखते हैं। यह स्ट्रक्चर इस क्षेत्र में प्रोफेशनल टेक्नीशियन और हेल्थकेयर सपोर्ट एक्सपर्ट के रूप में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।  

डायलिसिस कोर्स के प्रकार

आप अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार इन प्रमुख डायलिसिस कोर्सेज में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज 

  • बीएससी डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी (B.DTT)
  • बीएससी डायलिसिस टेक्निक्स 
  • बीएससी (ऑनर्स) डायलिसिस टेक्नोलॉजी

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

  • एमएससी इन रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी एंड डायलिसिस टेक्नोलॉजी
  • एमएससी इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी
  • एमएससी इन डायलिसिस एंड किडनी केयर टेक्नोलॉजी

डिप्लोमा कोर्सेज 

  • डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नीशियन
  • डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (DDTM)
  • डिप्लोमा इन किडनी केयर एंड डायलिसिस टेक्नोलॉजी

सर्टिफिकेट कोर्सेज 

  • सर्टिफिकेट इन डायलिसिस टेक्निशियन
  • सर्टिफिकेट इन रीनल डायलिसिस टेक्नोलॉजी 

डायलिसिस कोर्स की योग्यता

डायलिसिस कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:

  • शैक्षणिक योग्यता: आपने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 या समकक्ष परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) के अनिवार्य विषयों के साथ पास की हो। इसके बाद ही आप सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि पोस्ट ग्रेजुशन करने के लिए आपको न्यूनतम 55% अंकों के साथ ग्रेजुएशन करना अनिवार्य होगा।                
  • न्यूनतम अंक: अधिकतर संस्थानों में चयनित कोर्स में एडमिशन के लिए न्यूनतम 55% अंक आवश्यक होते हैं; हालांकि कुछ संस्थानों में यह अधिक हो सकता है या आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
  • आयु सीमा: सामान्यतः इस कोर्स के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं होती, लेकिन कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु की शर्त लागू हो सकती है।
  • प्रवेश प्रक्रिया: भारत के कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन डायलिसिस कोर्स के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा (जैसे CUET UG, MET व SVUCET) आयोजित की जाती है। हालांकि कुछ संस्थानों में मेरिट बेस्ड एडमिशन भी दिया जाता है। 

नोट: आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान में अप्लाई करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से एडमिशन क्राइटेरिया की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। 

डायलिसिस कोर्स की आवदेन प्रक्रिया 

संबंधित डायलिसिस कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:

  • डायलिसिस कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद संबंधित डायलिसिस कोर्स का चयन करें। 
  • अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें। 
  • इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें। 
  • यदि एडमिशन प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
  • अपनी सीट कंफर्म करने के लिए तय डेडलाइन के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं और निर्धारित एडमिशन फीस सबमिट करने के बाद  एडमिशन कंफर्म करें। एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, चयनित डायलिसिस कोर्स कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होता है। 

डायलिसिस कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट
  • ग्रेजुएशन डिग्री और मार्कशीट (पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए)
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

डायलिसिस कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान

यहां कुछ प्रमुख मेडिकल संस्थानों की सूची दी गई है, जहां से आप अपनी योयता और रुचि अनुसार डायलिसिस कोर्स कर सकते हैं:

कोर्स लेवल प्रमुख कॉलेज 




ग्रेजुएशन कोर्सेज 
जामिया हमदर्द, नई दिल्ली 
जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (JIPMER), पुडुचेरी
वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC), नई दिल्ली
सेवेथा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज (SIMATS), चेन्नई
SRM विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (SRMIST)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली



पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज 
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज (KMC), मणिपाल
श्री रामचंद्र मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
डॉ. डी. वाई. पाटिल विद्यापीठ, पुणे
एमजीएम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज, नवी मुंबई
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर
अमृता स्कूल ऑफ़ एलाइड हेल्थ साइंसेज़
जामिया हमदर्द, नई दिल्ली 
एमएस रमैया मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु 
AIIMS दिल्ली 





डिप्लोमा कोर्सेज 
इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
जामिया हमदर्द, नई दिल्ली
एपेक्स स्कूल ऑफ डायलिसिस टेक्नोलॉजी (ASDT)
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी – IUL
भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज, पुणे
सेंचुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (CUTM), ओडिशा 
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ 



सर्टिफिकेट कोर्सेज 
भारत सेवक समाज (BSS), चेन्नई
राष्ट्रीय प्रशिक्षण अकादमी परिषद (NCTA)
गुजरात यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रांसप्लान्टीशन साइंसेज (GUTS), अहमदाबाद
टेक महिंद्रा स्मार्ट अकादमी फॉर हेल्थकेयर

डायलिसिस कोर्स की फीस 

भारत में मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थानों में डायलिसिस कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। यहां आपके लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में डायलिसिस कोर्स की औसत फीस रेंज दी गई है:

ग्रेजुएशन कोर्स की फीस रेंज 
संस्थान का प्रकार न्यूनतम वार्षिक फीस (INR)अधिकतम वार्षिक फीस (INR) 
सरकारी संस्थान INR 10,000INR 48,000
प्राइवेट संस्थान INR 1.1 लाख INR 3.6 लाख 
पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की फीस रेंज 
सरकारी संस्थान INR 15,000INR 1.5 लाख प्रति वर्ष
प्राइवेट संस्थान INR 1.20 लाखINR 6.58 लाख
डिप्लोमा कोर्स की फीस रेंज 
सरकारी संस्थान INR 8,500INR 43,000
प्राइवेट संस्थान INR 1,00,000INR 2,31,000


नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान या कॉलेज में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। 

डायलिसिस का सिलेबस

भारत के विभिन्न मेडिकल संस्थानों में कोर्स के स्तर के अनुसार डायलिसिस कोर्स का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें।

यहां ‘बीएससी डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी’ (B.DTT) का सिलेबस ‘मैक्स हेल्थकेयर’ की आधिकारिक वेबसाइट maxhealthcare.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:

अंडरग्रेजुएट सिलेबस                                                                

प्रथम सेमेस्टर  
एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजीबायोकेमिस्ट्री
एलाइड हेल्थ साइंसेज फाउंडेशन Iफंक्शनल इंग्लिश I
बेसिक कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन साइंसेजरिसर्च मेथडोलॉजी I
द्वितीय सेमेस्टर
बेसिक पैथोलॉजीबेसिक माइक्रोबायोलॉजी
बेसिक फार्माकोलॉजीएलाइड हेल्थ साइंसेज फाउंडेशन II
सोशियोलॉजी एंड साइकोलॉजीफंक्शनल इंग्लिश II
एडवांस्ड कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन साइंसेजरिसर्च मेथडोलॉजी II
हॉस्पिटल प्रैक्टिस एंड पेशेंट केयर
तृतीय वर्ष
अप्लाइड एनाटॉमी ऑफ रीनल सिस्टमअप्लाइड फिजियोलॉजी ऑफ रीनल सिस्टम
अप्लाइड पैथोलॉजी ऑफ रीनल सिस्टमअप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी ऑफ रीनल सिस्टम
अप्लाइड फार्माकोलॉजी रिलेटेड टू डायलिसिसरीनल डिजीज, डायलिसिस एंड न्यूट्रिशन
चतुर्थ वर्ष
पेरिटोनियल डायलिसिस एंड एडवांस्ड मोडालिटीजइमर्जिंग टेक्नोलॉजीज इन डायलिसिस
हीमोडायलिसिस एंड एडवांस्ड मोडालिटीजलेटेस्ट एडवांसेस इन नेफ्रोलॉजी
क्वालिटी एश्योरेंस इन डायलिसिसकॉन्सेप्ट ऑफ रीनल ट्रांसप्लांट
1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप 

पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस 

यहां ‘एमएससी मेडिकल डायलिसिस टेक्नोलॉजी’ का सिलेबस ‘एमजीएम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज, नवी मुंबई’ की आधिकारिक वेबसाइट mgmuhs.com के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:

प्रथम सेमेस्टर  
एनाटॉमी (नेफ्रोएनाटॉमी & हिस्टोलॉजी)फिज़ियोलॉजी (नेफ्रोफिज़ियोलॉजी)
नेफ्रोजेनेटिक्स एंड फार्माकोलॉजीवॉटर ट्रीटमेंट
MMDT डायरेक्टेड क्लिनिकल एजुकेशन – I
प्रैक्टिकल
एनाटॉमी (नेफ्रोएनाटॉमी & हिस्टोलॉजी)फिज़ियोलॉजी (नेफ्रोफिज़ियोलॉजी)
द्वितीय सेमेस्टर
एटियो-पैथोलॉजी ऑफ रीनल डिज़ीज़क्लिनिकल नेफ्रोलॉजी
डायलिसिस इक्विपमेंटएमएमडीटी डायरेक्टेड क्लिनिकल एजुकेशन – II
MMDT डायरेक्टेड क्लिनिकल एजुकेशन – IIरिसर्च मेथडोलॉजी & बायोस्टैटिस्टिक्स (कोर कोर्स)
प्रैक्टिकल
क्लिनिकल नेफ्रोलॉजीडायलिसिस इक्विपमेंट
रिसर्च मेथडोलॉजी & बायोस्टैटिस्टिक्स (कोर कोर्स)
कोर इलेक्टिव कोर्स
बेसिक्स ऑफ क्लिनिकल स्किल्स लर्निंगहॉस्पिटल ऑपरेशन मैनेजमेंट
तृतीय वर्ष
कॉन्सेप्ट्स ऑफ किडनी डिज़ीज़ेसडायलिसिस टेक्नोलॉजी
रीनल ट्रांसप्लांटेशन & को-ऑर्डिनेशनMMDT डायरेक्टेड क्लिनिकल एजुकेशन–III
डिसर्टेशन / प्रोजेक्ट
प्रैक्टिकल 
कॉन्सेप्ट्स ऑफ किडनी डिज़ीज़ेस
कोर इलेक्टिव कोर्स
इमेजिंग साइंस ऑफ द यूरिनरी सिस्टमहॉस्पिटल ऑपरेशन मैनेजमेंट 
चतुर्थ वर्ष
न्यूट्रिशन इन रीनल डिज़ीज़रीसेंट एडवांसेस इन डायलिसिस एंड नेफ्रोलॉजी
जनरल इलेक्टिव
पर्स्यूट ऑफ इनर सेल्फ एक्सीलेंस (POISE)बायोएथिक्स, बायोसैफ्टी, IPR & टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
डिजास्टर मैनेजमेंट एंड मिटिगेशन रिसोर्सेसह्यूमन राइट्स
प्रैक्टिकल
डिसर्टेशन / प्रोजेक्ट

डिप्लोमा सिलेबस 

यहां ‘डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्नोलॉजी’ का सिलेबस ‘असम डाउन टाउन यूनिवर्सिटी (AdtU), गुवाहाटी’ की आधिकारिक वेबसाइट adtu.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:

प्रथम वर्ष 
फिजिक्स एप्लाइड एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी I
केमिस्ट्रीएप्लाइड एनाटॉमी एंड फ़िज़ियोलॉजी II
बायोलॉजीबायोकेमिस्ट्री
एनाटॉमीफिजियोलॉजी
इमरजेंसी एंड इन्फेक्शन कंट्रोल प्रोसिजर
द्वितीय वर्ष 
क्लिनिकल ट्रेनिंगएप्लाइड डायलिसिस टेक्नोलॉजी
कॉन्सेप्ट ऑफ रीनल डिज़ीजफार्माकोलॉजी
बेसिक ऑफ डायलिसिस टेक्नोलॉजीफ़ूड एंड न्यूट्रिशन
क्लिनिकल ट्रेनिंग

डायलिसिस कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप संबंधित डायलिसिस कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • सरकारी और प्राइवेट अस्पताल 
  • सफदरजंग अस्पताल 
  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)
  • डायलिसिस क्लिनिक 
  • किडनी केयर सेंटर्स
  • बायोमेडिकल उपकरण कंपनियां 
  • कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल 
  • सर गंगा राम अस्पताल
  • मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल  

डायलिसिस कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी

डायलिसिस कोर्स कंप्लीट करने के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, सरकारी तथा प्राइवेट जॉब सेक्टर और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox 2026 पर उपलब्ध डेटा के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइलअनुमानित वार्षिक सैलरी (INR)
डायलिसिस टेक्नीशियन2.1 लाख – 2.7 लाख 
मेडिकल असिस्टेंट 1.3 लाख – 1.9 लाख 
क्लिनिकल सुपरवाइजर 4.1 लाख – 4.5 लाख
क्लिनिकल कोऑर्डिनेटर 3.4 लाख – 3.8 लाख
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट5.3 लाख – 5.9 लाख
क्वॉलिटी मैनेजर 12 लाख – 13.3 लाख

FAQs 

डायलिसिस का कोर्स कितने साल का होता है?

डायलिसिस कोर्स की अवधि उसके स्तर पर निर्भर करती है जैसे सर्टिफिकेट (6 माह – 1 वर्ष), डिप्लोमा (2 वर्ष) और B.Sc. (3 वर्ष) तक होती है। 

क्या डायलिसिस टेक्नीशियन एक डॉक्टर होता है?

डायलिसिस टेक्नीशियन डॉक्टर नहीं होता, बल्कि वह प्रशिक्षित पैरामेडिकल प्रोफेशनल होता है जो नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर के निर्देशन में डायलिसिस प्रक्रिया संचालित करता है।

डायलिसिस टेक्नीशियन नौकरी कहां पा सकते हैं?

डायलिसिस टेक्नीशियन अस्पतालों, डायलिसिस सेंटर्स, नेफ्रोलॉजी विभागों, होम हेल्थकेयर सेवाओं और मेडिकल उपकरण कंपनियों में नौकरी पा सकते हैं। 

BSc डायलिसिस टेक्नोलॉजी कोर्स पूरा करने के बाद मैं कौनसा कोर्स कर सकता हूँ?

आप इसके बाद ‘एमएससी इन रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी एंड डायलिसिस टेक्नोलॉजी’ या ‘एमएससी इन डायलिसिस एंड किडनी केयर टेक्नोलॉजी’ जैसे पोस्टग्रेजुएट स्पेशलाइज्ड कोर्सेज कर सकते हैं।

क्या बीएससी डायलिसिस एक अच्छा कोर्स है?

बीएससी डायलिसिस टेक्नोलॉजी मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के बीच एक ट्रेंडिंग कोर्स है क्योंकि यह हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर करियर, अच्छी जॉब अपॉर्चुनिटीज और एक्स्पर्टीज प्रदान करता है।

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आशा है कि इस लेख में आपको डायलिसिस कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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