भारत में विगत कुछ विगत कुछ वर्षों से बिग फॉर कम्पनियाँ (जैसे – Deloitte, EY, KPMG, PwC) और मल्टीनेशनल कम्पनियाँ लगातार अपना विस्तार कर रही हैं, जिस कारण से उन्हें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों (IFRS) और US GAAP के विशेषज्ञों की आवश्यकता पड़ रही है।
यदि आप ग्लोबल अकाउंटिंग और फाइनेंस में अपना एक सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं तो आप ऐसे में सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (सीपीए) के माध्यम से अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। यदि आप सीपीए कोर्स करने के लिए इच्छुक हैं तो इस लेख में इस कोर्स से संबंधित जानकारी जान सकते हैं।
| विवरण | मुख्य जानकारी |
| कोर्स का नाम | सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (CPA) |
| आधिकारिक परीक्षा का नाम | यूनिफॉर्म सीपीए एग्जामिनेशन |
| संचालन संस्था | अमेरिकन इंस्टीट्यूट सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट्स (AICPA) |
| आधिकारिक वेबसाइट | aicpa-cima.com |
| कोर्स/परीक्षा का उद्देश्य | अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के क्षेत्र में विशेषज्ञ प्रोफेशनल तैयार करना |
| परीक्षा मोड | कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम |
| कुल परीक्षा सेक्शन | 4 सेक्शन |
| कोर सेक्शन | ऑडिटिंग एंड अटेस्टेशन (AUD), फाइनेंसियल अकॉउंटिंग एंड रिपोर्टिंग (FAR), रेगुलेशन (REG) |
| डिसिप्लिन सेक्शन (कोई एक चुनना होता है) | बिज़नेस एनालिसिस एंड रिपोर्टिंग (BAR), इंफॉर्मेशन सिस्टम एंड कंट्रोइस (ISC), टैक्स कंप्लायंस एंड प्लानिंग (TCP) |
| प्रत्येक सेक्शन की अवधि | 4 घंटे |
| कुल परीक्षा समय | लगभग 16 घंटे |
| पासिंग स्कोर | 75 (0–99 स्केल पर) |
| परीक्षा पैटर्न | मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQs) और टास्क बेस्ड सिम्युलेशन्स (TBSs) |
| सेक्शन पास करने की समय सीमा | पहला सेक्शन पास करने के बाद लगभग 30 महीनों में बाकी सेक्शन पास करने होते हैं। |
| पात्रता (सामान्य) | अकाउंटिंग/बिजनेस में 120-150 क्रेडिट घंटे की शिक्षा (राज्य के अनुसार अलग-अलग नियम) |
| करियर क्षेत्र | पब्लिक अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्स कंसल्टिंग, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग, कॉर्पोरेट फाइनेंस |
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CPA कोर्स क्यों करें?
नीचे दिए गए बिंदुओं में सीपीए कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- CPA एक प्रतिष्ठित प्रोफेशनल लाइसेंस है, जो यह दर्शाता है कि आपके पास अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑडिटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट का गहरा ज्ञान है। यदि आप ग्लोबल लेवल पर बिज़नेस और फाइनेंस इंडस्ट्री में करियर ग्रोथ चाहते हैं तो CPA कोर्स को चुनना आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
- CPA कोर्स की परीक्षाओं को पास करने के बाद आपको CPA लाइसेंस मिलता है जो गैर-सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स की तुलना में अधिक प्रभावशाली होता है। इसे करने के बाद आपको इंटरनेशनल एक्सपोज़र मिल सकता है।
- फाइनेंस और अकाउंटिंग हर इंडस्ट्री की बैकबोन होती है, जिसमें अक्सर CPA प्रोफेशनल की जरुरत होती है, साथ ही इसे करने के बाद आपकी प्रोफाइल वजनदार हो जाती है।
- CPA प्रोफेशनल बनने के बाद आप कंपनियों को टैक्स प्लानिंग, बिजनेस सेट-अप, फाइनेंशियल प्लानिंग और निवेश से जुड़े मामलों में एडवाइस भी दे सकते हैं क्योंकि इस कोर्स को करने के बाद आपको उस स्तर की नॉलेज मिल जाती है।
- CPA सर्टिफिकेशन करने के बाद आप CFO, फाइनेंस डायरेक्टर, ऑडिट हेड या सीनियर मैनेजमेंट जैस उच्च पदों पर अपनी करियर ग्रोथ को गति दे सकते हैं।
CPA कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
AICPA द्वारा संचालित CPA प्रोग्राम मुख्य रूप से एक प्रोफेशनल लाइसेंसिंग परीक्षा पर आधारित होता है, जिसका उद्देश्य अकाउंटिंग, ऑडिटिंग और टैक्सेशन से जुड़ी एडवांस्ड नॉलेज और प्रैक्टिकल स्किल्स का मूल्यांकन करना है। वर्तमान संरचना के अनुसार CPA की परीक्षा चार सेक्शनों में विभाजित होती है, जिनमें तीन कोर सेक्शन और एक डिसिप्लिन सेक्शन शामिल होता है।
CPA कोर्स को पूरा करने के लिए आपको सबसे पहले तीन कोर सेक्शन ऑडिटिंग एंड अटेस्टेशन (AUD), फाइनेंसियल अकॉउंटिंग एंड रिपोर्टिंग (FAR), रेगुलेशन (REG) को पास करना अनिवार्य होता है। इसके बाद ही आप अपनी रुचि या करियर गोल्स के आधार पर आप तीन डिसिप्लिन बिज़नेस एनालिसिस एंड रिपोर्टिंग (BAR), इंफॉर्मेशन सिस्टम एंड कंट्रोइस (ISC), टैक्स कंप्लायंस एंड प्लानिंग (TCP) में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं।
इसमें प्रत्येक सेक्शन लगभग 4 घंटे के कम्प्यूटर बेस्ड एग्जाम का होता है, जिसमें पास होने के लिए आपको न्यूनतम 75 स्कोर करना होता है। इस कोर्स के प्रत्येक सेक्शन को आप अलग-अलग समय पर दे सकते हैं, इस कोर्स को ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि इसमें आपका परिचय थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल निर्णय लेने की क्षमता से भी होता है।
CPA कोर्स की योग्यता
CPA कोर्स की आधिकारिक वेबसाइट aicpa-cima.com और अन्य मान्य स्रोतों पर आधारित डेटा के अनुसार इस कोर्स में एडमिशन से पहले आप निम्नलिखित एलिजिबिलिटी की जांच जरूर कर लें:
- इस कोर्स में प्रवेश के लिए आपके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर्स डिग्री (जैसे B.Com, BBA, अकॉउंटिंग, फाइनेंस आदि) होनी अनिवार्य है।
- कई राज्यों में CPA लाइसेंस के लिए कुल 150 कॉलेज क्रेडिट आवर्स की शिक्षा पूरी करना आवश्यक होता है। इसके लिए आपके पास आमतौर पर बैचलर डिग्री और अतिरिक्त कोर्सवर्क या मास्टर डिग्री से पूरा किया जाता है।
- इसके अलावा कई क्षेत्रों में आप 120 क्रेडिट आवर्स कंप्लीट के बाद आप CPA परीक्षा के कुछ सेक्शन देने के लिए योग्य माने जाते हैं। हालाँकि लाइसेंस के लिए आपको 150 क्रेडिट आवर्स कंप्लीट करने होते हैं।
- CPA प्रोफेशनल बनने के लिए आपको यूनिफॉर्म सीपीए एग्जाम पास करना होता है, जिसमें अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन और बिजनेस से जुड़े विषयों से प्रश्नों को पूछा जाता है। ये परीक्षा अंग्रेज़ी में होती है, इसलिए आपको परीक्षा के लिए अंग्रेजी भाषा की समझ होनी चाहिए।
- कई राज्यों में इसके लिए आपसे आम तौर पर 1-2 साल का प्रोफेशनल अनुभव मांगते हैं।
नोट – प्रत्येक अमेरिकी राज्य की पात्रता शर्तें अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आप आधिकारिक दिशा-निर्देश को देखना न भूलें।
CPA कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
CPA में एडमिशन सीधे NASBA की आधिकारिक वेबसाइट nasba.org पर होता है। यदि आप CPA कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं तो आप इसके लिए नीचे दी गई एडमिशन प्रोसेस को आसान भाषा में बताया गया है:
- सबसे पहले आपको किसी US स्टेट बोर्ड ऑफ अकाउंटेंसी की पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं।
- यदि आप अंतरराष्ट्रीय छात्र है तो आपको सबसे पहले अपनी डिग्री का क्रेडेंशियल इवैल्यूएशन करवाना पड़ता है। यह प्रक्रिया आपकी डिग्री की जांच करती है कि आपकी डिग्री US अकाउंटिंग शिक्षा के बराबर है या नहीं।
- अपनी शैक्षणिक योग्यताओं के अनुरूप आपको अमेरिकी स्टेट अकॉउंटिंग बोर्ड का चयन करना होता है। इसके बाद आप NASBA CPA पॉर्टल या संबंधित स्टेट बोर्ड के माध्यम से आप अपनी आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
- CPA कोर्स में एडमिशन के लिए आपको आवेदन करते समय NASBA की आधिकारिक वेबसाइट nasba.org पर जाकर अपने आवश्यक दस्तावेजों को सबमिट करना होता है।
- दस्तावेजों को सबमिट करने के बाद आपको आवेदन शुल्क को जमा करें।
भारत में CPA कोर्स की अनुमानित फीस
CPA कोर्स की आधिकारिक वेबसाइट nasba.org पर आधारित फीस के आंकड़ों को नीचे दी गई टेबल में दिया गया है। यह फीस डॉलर में दी गई है, इसलिए आवेदन करते समय इसे कैलकुलेट करके कुल खर्च का अनुमान लगाया जा सकता है:
| फीस का प्रकार | अनुमानित फीस (USD) | अनुमानित फीस (INR) | फीस का विवरण |
| एप्लीकेशन / रजिस्ट्रेशन फीस | USD 200 – USD 220 | INR 16,000 – INR 18,000 | CPA परीक्षा के लिए प्रारंभिक आवेदन करते समय एक बार भुगतान करना होता है। |
| प्रति पेपर एग्जाम फीस | USD 195 – USD 210 | INR 16,000 – INR 17,500 | CPA के हर सेक्शन (जैसे FAR, AUD, REG आदि) के लिए अलग-अलग फीस देनी पड़ती है। |
| 4 पेपर की कुल परीक्षा फीस | USD 780 – USD 840 | INR 65,000 – INR 70,000 | चारों पेपर की बेसिक परीक्षा फीस का कुल अनुमान है, हालाँकि एक्चुअल फीस में स्टेट के अकॉर्डिंग बदलाव संभव है। |
| इंटरनेशनल टेस्टिंग फीस | USD 390 – USD 510 (प्रति सेक्शन) | INR 32,000 – INR 42,000 | भारत जैसे देशों में परीक्षा देने पर अतिरिक्त इंटरनेशनल टेस्टिंग फीस लगती है। |
| लाइसेंस / मेंबरशिप फीस | USD 65 – USD 115 | INR 5,000 – INR 9,500 | ये CPA बनने के बाद मेंबरशिप या प्रोफेशनल फीस है। |
| स्टडी मटेरियल / कोचिंग (वैकल्पिक) | USD 1,000 – USD 2,000 | INR 80,000 – INR 1,60,000 | यह फीस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट या स्टडी मटेरियल पर निर्भर करती है। |
नोट – पाउंड रेट में परिवर्तन होने से INR में भी बदलाव होता रहता है। इसलिए फीस की वास्तविक लागत को आप आवेदन करते समय कैलकुलेट करके देख सकते हैं।
CPA कोर्स का सिलेबस
नीचे दी गई टेबल में CPA कोर्स का सेक्शन वाइज (कोर सेक्शन और डिसिप्लिन सेक्शंस) सिलेबस दिया गया है, जो nasba.org और कई ऑथेंटिक सोर्सेज पर उपलब्ध डाटा के अनुसार दिया गया है। सिलेबस को अपने सेक्शन के आधार पर प्राप्त करने के लिए आप plutuseducation या NASBA की अधिक वेबसाइट को विजिट कर सकते हैं –
| कोर सेक्शंस का सिलेबस | ||
| पेपर / सेक्शन | प्रमुख विषय | टॉपिक्स का विस्तृत सिलेबस |
| फाइनेंशियल अकाउंटिंग और रिपोर्टिंग (FAR) | फाइनेंशियल अकाउंटिंग और रिपोर्टिंग | फाइनेंशियल रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क, बैलेंस शीट अकाउंट्स, रेवेन्यू रिकग्निशन, लीसेज, बांड्स एंड लायबिलिटीज, पेंशन अकॉउंटिंग, गवर्नमेंट एंड नॉन-प्रॉफिट अकॉउंटिंग, कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स |
| ऑडिटिंग और एश्योरेंस (AUD) | ऑडिटिंग और एश्योरेंस | एथिक्स एंड प्रोफेशनल रिस्पॉन्सिबिलिटीज एंड प्रोफेशनल रिस्पॉन्सिबिलिटीज, ऑडिट प्लानिंग, रिस्क अस्सेस्मेंट, इंटर्नल कंट्रोल्स, ऑडिट एविडेंस एंड सैंपलिंग, ऑडिट प्रोसिजर्स, ऑडिट रिपोर्ट्स एंड कंक्लूजंस |
| रेगुलेशन (REG) | टैक्सेशन और बिजनेस लॉ | फ़ेडरल टैक्सेशन ऑफ इंडिविजुअलस, बिज़नेस एंटीटीस टैक्सेशन, प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शंस, बिज़नेस लॉ, एथिक्स एंड टैक्स प्रोसीजर, प्रोफेशनल रिस्पॉन्सबिलिटी |
| डिसिप्लिन सेक्शंस का सिलेबस | ||
| पेपर / सेक्शन | प्रमुख विषय | टॉपिक्स का विस्तृत सिलेबस |
| बिज़नेस एनालिसिस एंड रिपोर्टिंग (BAR) | एडवांस अकाउंटिंग और बिजनेस एनालिसिस | फाइनेंशियल स्टेटमेंट एनालिसिस, डेटा एनालिटिक्स, एडवांस्ड फाइनेंशियल रिपोर्टिंग, टेक्नीकल अकॉउंटिंग इश्यूज, स्टेट एंड लोकल गवर्नमेंट अकॉउंटिंग |
| इंफॉर्मेशन सिस्टम्स एंड कंट्रोल्स (ISC) | आईटी सिस्टम और ऑडिट कंट्रोल | इंफॉर्मेशन सिस्टम्स, डेटा गवर्नेंस, साइबरसिक्योरिटी, इंटरनल कंट्रोल्स, सिस्टम एंड ऑर्गेनाइज़ेशन कंट्रोल्स (SOC) इंगेजमेंट्स |
| टैक्स कंप्लायंस एंड प्लानिंग (TCP) | एडवांस टैक्स प्लानिंग | इंडिविजुअल टैक्स प्लानिंग, एंटिटी टैक्स कंप्लायंस, कॉर्पोरेट एंड पार्टनरशिप टैक्स प्लानिंग, प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शंस, इस्टेट एंड गिफ्ट टैक्स कॉन्सेप्ट्स |
सीपीए कोर्स के बाद करियर स्कोप और सैलरी
सीपीए कोर्स के बाद आपको बिग-4 अकाउंटिंग फर्म, मल्टीनेशनल कंपनियों, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर, कंसल्टिंग और और ऑडिट फर्म क्षेत्रों में निम्नलिखित जॉब प्रोफाइल पर काम करने का अवसर दे सकती हैं।
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सालाना सैलरी (INR) |
| पब्लिक अकाउंटेंट | INR 23.5 लाख – INR 25.9 लाख |
| इंटरनल ऑडिटर | INR 5.7 लाख – INR 6.2 लाख |
| फाइनेंसियल एनालिस्ट | INR 6.1 लाख – INR 6.8 लाख |
| टैक्स कंसल्टेंट | INR 7.2 लाख – INR 8 लाख |
| फाइनेंस मैनेजर | INR 16.7 लाख – INR 18.4 लाख |
नोट – यहां अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com. के आधार पर दी गई है जिसमें बदलाव संभव है।
सीपीए कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प
सीपीए कोर्स करके न केवल आप अकॉउंटिंग या कॉर्पोरेट जॉब्स के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं, बल्कि इसमें मिली नॉलेज के आधार पर आप खुद का स्टार्टअप भी शुरू कर सकते हैं। यहाँ आपके लिए CPA कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प को संक्षिप्त में नीचे दी गई टेबल में बताया गया है –
| विकल्प | संक्षिप्त जानकारी |
| MBA (फाइनेंस / अकाउंटिंग) | यह एक पोस्टग्रेजुएट बिजनेस डिग्री है, जिसमें आपको ग्लोबल बिजनेस, मैनेजमेंट और लीडरशिप स्किल्स की नॉलेज मिलती है। यदि आप CPA के बाद मैनेजमेंट या लीडरशिप रोल में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आप ये प्रोग्राम भी कर सकते हैं। इसे करने के बाद आप फाइनेंस मैनेजर, कंसल्टेंट, बिजनेस एनालिस्ट जैसे करियर विकल्प चुन सकते हैं। |
| CFA (चार्टर्ड फाइनेंसियल एनालिस्ट) | यह निवेश और वित्त विश्लेषण की प्रोफेशनल डिग्री है। यदि आप निवेश, इक्विटीज, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में करियर ग्रोथ के खास अवसर चाहते हैं तो सीपीए कोर्स के साथ-साथ CFA करने से फाइनेंशियल मार्केट्स में आपकी प्रोफाइल स्ट्रॉन्ग हो जाती है। इसे करने के बाद आप इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट, पोर्टफोलियो मैनेजर जैसे पदों से करियर की शुरुआत कर सकते हैं। |
| CMA (सर्टिफाइड मैनेजमेंट अकाउंटेंट) | यह कोर्स मुख्य रूप से कॉर्पोरेट अकाउंटिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट और बिजनेस डिसीजन सपोर्ट पर फोकस करता है। यदि आप कॉर्पोरेट फाइनेंस और मैनेजमेंट अकाउंटिंग में विशेषज्ञता करना चाहते हैं तो ये आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे करने के बाद आप कॉस्ट अकाउंटेंट, फाइनेंस कंट्रोलर जैसे पदों पर अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। |
| PhD / डॉक्टरेट इन अकॉउंटिंग | इसमें यूनिवर्सिटी में मास्टर्स-लेवल स्टडी का अवसर मिलता है। इसे लेने से अकादमिक रूप से मजबूत और इंटरनेशनल मार्केट में स्वीकार्य बढ़ती है। यदि आप अकाउंटिंग रिसर्च और शिक्षण क्षेत्र में अपना करियर बनना चाहते हैं तो यह आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके बाद आप प्रोफेसर और रिसर्चर के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। |
| डाटा एनालिटिक्स / फिंटेक प्रोग्राम्स | यह एक ऐसा प्रोफेशनल प्रोग्राम है जिसमें आप फाइनेंस में डेटा विश्लेषण और डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करना सीखते हैं। यदि आप आधुनिक फाइनेंस टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो आप फाइनेंशियल डेटा एनालिस्ट, फिनटेक विशेषज्ञ के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं। |
FAQs
CPA कोर्स में होने वाली परीक्षा में लगने वाला समय यूँ तो आपकी तैयारी पर निर्भर करता है। हालाँकि इसके लिए आप आमतौर पर चारों परीक्षा सेक्शन को 12 से 18 महीनों के भीतर पूरा कर सकते हैं।
सीपीए कोर्स की फीस मुख्य रूप से कई फैक्टर्स जैसे – परीक्षा फीस, आवेदन शुल्क, अध्ययन सामग्री और प्रशिक्षण कार्यक्रम आदि पर निर्भर करती है। हालाँकि इसके लिए आपका आमतौर पर आपका खर्च 3 लाख से 4 लाख रुपये के बीच आ सकता है। हालाँकि आवेदन से पहले आपको उस राज्य के आधिकारिक बोर्ड की वेबसाइट पर फीस संरचना को देख लेना चाहिए।
CPA कोर्स को करने के बाद आप अकाउंटिंग और ऑडिटिंग क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल बन सकते हैं। इस को करने के बाद आपके पास मल्टीनेशनल कंपनियों, बिग-4 फर्म और ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनियों में नौकरी करने के अवसर खुल जाते हैं।
CPA और MBA दोनों अलग-अलग प्रोग्राम हैं, जहाँ CPA एक प्रोफेशनल अकॉउंटिंग सर्टिफिकेशन है जिसे अमेरिका में लाइसेंसिंग संस्थाएँ और NSBA द्वारा नियंत्रित किया जाता है। जबकि MBA मैनेजमेंट और बिज़नेस लीडरशिप में करवाने वाली मास्टर्स की डिग्री है। इन दोनों में से वही डिग्री अच्छी हो सकती है, जो आपके करियर प्लानिंग और रूचि पर निर्भर करता है।
हाँ, B.Com के बाद CPA किया जा सकता है। बीकॉम ग्रेजुएशन के लिए लगभग 120 क्रेडिट आवर्स ही होते हैं, जबकि सीपीए कोर्स के लिए 150 क्रेडिट आवर्स की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए आप बीकॉम के बाद M.Com, MBA या अतिरिक्त अकाउंटिंग कोर्स करके आवश्यक क्रेडिट को पूरा कर सकते हैं।
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आशा है कि इस लेख में आपको सीपीए कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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