75 भारतीय छात्रों को यूके में फ्री शिक्षा का मौका, जानिए कैसे?

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ब्रिटेन ने भारत के प्रमुख उद्यमियों की साझेदारी से देश के 75 मेधावी छात्रों को सितंबर 2022 से मुफ्त पढ़ाई का मौका देने का फैसला लिया है। इस शेवनिंग छात्रवृत्ति (Chevening Scholarship) योजना को ब्रिटेन ने भारत के 75वें स्वतंत्रता वर्ष तोहफा बताया है।

इस कार्यक्रम के तहत मास्टर्स कोर्स के लिए एक साल की छात्रवृत्ति किसी भी ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज में, किसी भी विषय के लिए मिल सकती है। इसके अलावा, भारत में स्थित ब्रिटिश काउंसिल साइंस, टेक्नालॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स (STEM) विषयों में छात्राओं के लिए 18 अतिरिक्त छात्रवृत्ति देती है।

ब्रिटेन के 150 विश्वविद्यालयों में STEM के तहत 12,000 से ज्यादा कोर्स उपलब्ध हैं। इसके साथ ही ब्रिटिश काउंसिल छह अंग्रेजी छात्रवृत्ति भी देती है।

इस योजना की घोषणा के दौरान लंदन में इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया वीक के दौरान भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त (हाई कमिश्नर) एलेक्स ईल्स ने कहा भारत की आज़ादी को 75 वर्ष पूरे होने वाले हैं, जो कि एक बड़ी बात है। इन 75 छात्रवृत्तियों में से 30 फीसदी छोटे शहरों के छात्रों लिए होंगी।

इस पहल (इनिशिएटिव) के तहत HSBC 15, Pearson India दो, Hindustan Unilever, Tata Sons और Duolingo एक-एक छात्रवृत्ति छात्रों को प्रदान करेंगे। HSBC के सीईओ हितेंद्र देव ने कहा, हमारा उद्देश्य विश्वस्तरीय शिक्षा के माध्यम से युवाओं की क्षमताओं को निखारकर उन्हें नेतृत्व के लिए उत्साहित करना है। हम देश में नेतृत्व प्रतिभा विकसित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

शेवनिंग छात्रवृत्ति योजना का सर्वाधिक लाभ भारत को

ब्रिटिश सरकार की शेवनिंग छात्रवृत्ति योजना सन 1983 से 150 देशों में चल रही है। इसका मकसद वैश्विक नेतृत्व विकसित करना है। अब तक 3,500 युवा इसका लाभ उठा चुके हैं। भारत को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिला है।

ट्यूशन, रहने आदि का खर्च भी किया जाता है वहन

इस फुली फाइनेंस छात्रवृत्ति के तहत विद्यार्थी के ट्यूशन, रहने, यात्रा आदि का खर्च भी वहन किया जाता है। यह एक वर्षीय मास्टर्स कार्यक्रम तक लागू रहता है। इसमें चयन के लिए विद्यार्थी को दो साल का कार्य का अनुभव होना आवश्यक है।

2022 में ब्रिटेन में भारतीय विद्यार्थियों की संख्या हुई दोगुनी

एक आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2022 में समाप्त साल के दौरान ब्रिटेन में भारतीय विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए 1,08,000 वीजा जारी किए गए हैं। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी है।

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