कमर्शियल पायलट कैसे बनें?

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विदेश में पढ़ने से बढ़ती है एशिया लिटरेसी
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बचपन से ही बहुत से लोगों का यह सपना होता है कि वह पायलट बनकर आसमान में ऊंची उड़ाने भरे। पायलट बनना हमेशा सबसे रोमांचक करियर विकल्पों में से एक माना जाता है। पायलट बनना एक ऐसा प्रोफेशन होता है जिसमें आपको काफी अच्छी सैलरी तो मिलती है ही, साथ ही दुनिया के अलग-अलग कोनों में घूमने का मौका मिलता है और हर रोज आकाश में उड़ने का अनोखा अनुभव भी मिलता है। पायलट में ही एक कमर्शियल पायलट होता है जो व्यावसायिक उद्देश्य से प्लेन उड़ाता है। अगर आपका भी रुझान कमर्शियल पायलट कैसे बने यह जानने की ओर है तो आप यह ब्लॉग पूरा पढ़ें।

प्रोफेशन कमर्शियल पायलट
योग्यता साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं
वेतन  INR 2-5 लाख 
लाइसेंस कमर्शियल पायलट लाइसेंस
पायलट के प्रकार -एयरलाइन पायलट
-कमर्शियल पायलट
-फाइटर पायलट
-चार्टर पायलट
एयरलाइंस -Air India
-Indigo
-Jet Airways

कमर्शियल पायलट कौन होता है?

कमर्शियल पायलट वह होते हैं जो एयरलाइन कंपनियों के किसी खास प्लेन को उड़ाता है। हालांकि इसके लिए एयरलाइन अथॉरिटी से कमर्शियल पायलट का सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले को इन्हे उड़ाने की अनुमति होती है। आपने Air India, Indigo, Jet Airways इत्यादि भारतीय एयरलाइन्स का नाम तो सुना होगा, इन्हे उड़ाने वाले सभी कमर्शियल पायलट होते है। आमतौर पर, कमर्शियल एयरलाइंस कम से कम दो व्यक्तियों को पायलट क्रू के रूप में नियुक्त करती हैं, अर्थात एक कैपिटन और पहला अधिकारी या सह-पायलट। 

कमर्शियल पायलट बनना क्यों चुनें?

एक पायलट के रूप में करियर न केवल उच्च वेतन बल्कि रोमांचकारी अनुभव और जोखिम भी प्रदान करता है। आमतौर पर, यदि आप एक पायलट बनना चाहते हैं, तो आपको 17 साल की उम्र में शुरुआत करनी होगी। छात्र पायलट बनना क्यों चुनते हैं इसके कुछ कारण दिए गए हैं:

  • एक पायलट बनने के बाद व्यक्ति का अनुभव बहुत ही अलग होता है। उसे दुनिया का एक अलग और सबसे खूबसूरत दृश्य देखने को मिलता है। उसे आकाश में उड़ने का नया अनुभव प्राप्त होता है।
  • एक पायलट रूप में व्यक्ति कई विभिन्न जगहों पर जाता है फिर चाहे वह अपने देश में हो या विदेश में, अर्थात उन्हें दुनिया भर में घूमने का अवसर प्राप्त होता है।
  • कमर्शियल पायलट बहुत मेहनत करते हैं, यही वजह है कि एयरलाइंस आमतौर पर 30 दिनों की छुट्टी से लेकर एक साल में 60 दिनों की छुट्टी तक के कई अवकाश प्रदान करती हैं। 
  • पायलट का वेतन इंडियन एयरफोर्स में लगभग INR 86-90 हजार प्रति माह तक हो सकता है। सर्विस में अनुभव होने के बाद या प्रोन्नति होने के बाद INR 1.5-2 लाख के आसपास सैलरी मिलती है। 

कमर्शियल पायलट बनने के लिए स्किल्स

पायलट विमान के संचालन और विमान की आंतरिक प्रणालियों के प्रबंधन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होते हैं। पायलट न केवल विमान उड़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं बल्कि विमान की सफाई और रखरखाव के लिए भी जिम्मेदार होते हैं। एक कमर्शियल पायलट में क्या स्किल्स होनी चाहिए यह नीचे बताया गया है:

  • अच्छा IQ
  • समस्या को सुलझाने की क्षमता 
  • उत्तम नेत्र ज्योति 
  • टीम वर्क स्किल 
  • मजबूत फोकस और मल्टीटास्किंग 
  • शारीरिक रूप से फिट 
  • निर्णय लेने का क्षमता 
  • कम्युनिकेशन स्किल
  • लीडरशिप

कमर्शियल पायलट कैसे बने स्टेप बाय स्टेप गाइड

चलिए अब आपको बताते है कि कमर्शियल पायलट कैसे बने:

  • स्टेप 1: 10वी की परीक्षा दें और 12वी के साथ एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें – दसवीं के बाद पायलट बनने के लिए छात्र विज्ञान स्ट्रीम में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित से इंटरमीडिएट करें। इंग्लिश पर ख़ास ध्यान दें, पायलट बनने के लिये अच्छी स्पोकन इंग्लिश होना आवश्यक है। फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन लेने के लिए प्रवेश परीक्षा और मेडिकल फिटनेस की आवश्यकता है होती है। इसलिए शैक्षिक प्रवीणता के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस का भी ध्यान रखना चाहिए।
  •  स्टेप 2: एंट्रेंस एग्जाम पास करें – बारहवीं पास करने पर छात्रों को पायलट बनने के लिए कोर्स का चुनाव करना चाहिए। पायलट बनने के लिए एडमिशन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। यह प्रक्रिया तीन चरणों एंट्रेंस एग्जाम, मेडिकल टेस्ट, और इंटरव्यू में होती है।
  • स्टेप 3: पायलट बनने के लिए एडमिशन लें – फ्लाइंग स्कूल से कमर्शियल पायलट का कोर्स 18-24 महीने की प्रक्रिया होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद कमर्शियल पायलट बनने के दो तरीके है। पहला तरीका फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन लेना है। दूसरा तरीका कैडेट पायलट प्रोग्राम से पायलट बनना है।
  • स्टेप 4: स्टूडेंट पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करें – DGCA (डायरेक्ट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश लेने पर सबसे पहले आपको (SPL) स्टूडेंट पायलट लाइसेंस दिया जाएगा। यह भारतीय सरकार के अंतर्गत आता है। इस लाइसेंस के मिलने के बाद आप एक विद्यार्थी या लर्नर के तौर पर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग ले सकते है।
  • स्टेप 5: प्राइवेट पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करें – SPL का न्यूनतम क्राइटेरिया 60 घंटों का है। जैसे ही आप अपनी समयाविधि की ट्रेनिंग पूरी करते है आप (PPL) प्राइवेट पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करने योग्य हो जाते है। प्राइवेट पायलट लाइसेंस की 210 घंटे की उड़ान पूरी करने के बाद आप कमर्शियल पायलट लाइसेंस लेने के लिए तैयार हो जाते हैं।
  • स्टेप 6: कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करें – CPL कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए भी आपके कुछ टेस्ट लिए जाते है और आपको परीक्षा देनी होती है, जिसे क्वालीफाई करने के बाद आप कमर्शियल पायलट कहलाते है। इसमें आपको CPL मिलता है जो किसी भी विमान को उड़ाने के लिए अनिवार्य लाइसेंस है।

कमर्शियल पायलट बनने के लिए कोर्सेज

एक कमर्शियल पायलट निजी उद्यमों या व्यक्तियों के लिए छोटे कॉर्पोरेट टर्बोप्रॉप और जेट उड़ाने में शामिल होता है ताकि कॉर्पोरेट अधिकारियों की बैठकों में यात्रा में सहायता की जा सके। कमर्शियल पायलट बनने के लिए डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध होता है जिसके अंतर्गत सिलेबस कुछ इस प्रकार है-

  • एयर नेवीगेशन
  • मांस एंड बैलेंस एरोप्लेन
  • परफारमेंस 
  • फ्लाइट प्लानिंग एंड मॉनिटरिंग
  • रेडियो नेविगेशन
  • इंस्ट्रूमेंटेशन
  • एविएशन मिट्टीरियोलॉजी 
  • एयर रेगुलेशन
  • ह्यूमन परफॉर्मेंस 
  • कम्युनिकेशंस
  • एयरक्राफ्ट एंड इंजन
  • प्रिंसिपल ऑफ फ्लाइट

कमर्शियल पायलट बनने के लिए विदेशी कॉलेज

विदेश के कुछ कॉलेजेस और यूनिवर्सिटी जो कमर्शियल पायलट के लिए छात्रों को तैयार करते हैं-

  • न्यूजीलैंड एविएशन 
  • सीटीसी विंग, यूरोप
  • पेसिफिक फ्लाइट सर्विस, ऑस्ट्रेलिया
  • एचएम एयरोस्पेस, मलेशिया
  • लिबर्टी यूनिवर्सिटी, यूएसए
  • यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल मिसौरी 
  • सीएई ऑक्सफोर्ड एविएशन अकादमी, यूरोप
  • फ्लाइट सेफ्टी अकैडमी, यूएसए
  • पैन एएम इंटरनेशनल फ्लाइंग एकेडमी, यूएसए
  • सिंगापुर फ्लाइंग कॉलेज

कमर्शियल पायलट बनने के लिए भारतीय कॉलेज

भारत में कुछ मान्यता प्राप्त कॉलेजेस/इंस्टिट्यूट है जो पायलट के रुप में करियर निर्माण के लिए आपको आवश्यक और मूलभूत गाइडलाइन एवं तकनीकी स्किल प्रदान करती है-

  • इंदिरा गांधी नैशनल फ्लाइंग अकादमी
  • बॉम्बे फ्लाइंग क्लब
  • राजीव गांधी एकेडमी ऑफ एविएशन टेक्नोलॉजी
  • मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब
  • नैशनल फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट
  • अहमदाबाद एविएशन एंड एरोनॉटिक्स लिमिटेड
  • सीएई ऑक्सफोर्ड एविएशन अकादमी
  • इंडिगो कैडेट ट्रेनिंग प्रोग्राम
  • गवर्नमेंट एविएशन ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट
  • पुडुचेरी ठाकुर कॉलेज ऑफ एविएशन
  • गवर्नमेंट फ्लाइंग क्लब
  • ओरिएंट फ्लाइंग स्कूल
  • एविएशन एंड एविएशन सेफ्टी इंस्टिट्यूट

कमर्शियल पायलट बनने के लिए योग्यता

अगर आपको पायलट बनना है तो आपको दिए गए योग्यता को पूरा करना ज़रूरी होता है तभी आप पायलट बन सकते हैं:-

  • आपका दसवीं उत्तीर्ण करना ज़रूरी है। 
  • 12वी क्लास फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैंथ के साथ न्यूनतम 50℅ अंकों से पास करना ज़रूरी है। 
  • आपको इंग्लिश बोलना अच्छे से आना चाहिए। 
  • आपकी ऊंचाई कम से कम 5 फीट होनी चाहिए। 
  • आपकी उम्र कम से कम 16 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। 
  • आपको किसी भी तरह की कोई गंभीर बीमारी नहीं होनी चाहिए। 
  • आपकी आंखों का विजन एकदम सही होना चाहिए। 
  •  विदेश में पढ़ने के लिए IELTSTOEFL जैसे इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट के अंक।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा के माध्यम से शीर्ष प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं। योग्य उम्मीदवारों को एविएशन उद्योग के अनुसार शारीरिक फिटनेस मानकों को पूरा करना होगा। डायरेक्टरेट जेनरल ऑफ सिविल एविएशन एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा भी आयोजित करता है जिसे IGRUA प्रवेश परीक्षा के रूप में जाना जाता है। उम्मीदवारों को एकेडमी और कॉलेज के आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से परीक्षा के लिए आवेदन करना आवश्यक है। उम्मीद पर आवेदन कैसे कर सकते हैं या नीचे दिया गया है।

  • कॉलेज और इंस्टिट्यूट के आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करें।
  • अब लॉगइन करने के लिए अपने रजिस्टर्ड आईडी और पासवर्ड का प्रयोग करें।
  • लॉग इन करने के बाद एप्लीकेशन फॉर्म भरे। 
  • एप्लीकेशन फॉर्म के साथ मांगे जा रहे दस्तावेज जोड़ें और शुल्क के साथ फॉर्म जमा करें।
  • फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंट आउट निकाल लें।

विदेश में आवेदन करने के लिए

विदेश के विश्वविद्यालय में आवेदन करने की प्रक्रिया देश में आवेदन करने की प्रक्रिया से अधिक अलग नहीं है।

  • आप विदेश के विश्वविद्यालय में आवेदन करने को लेकर असमंजस में है और आपको नहीं समझ में आ रहा कि आप कहां से शुरू करें तो, आप Leverage Edu के विशेषज्ञों की सहायता ले सकते हैं। हमारे विशेषज्ञ आपकी आवेदन प्रक्रिया से लेकर वीजा आवेदन तक पूरी सहायता करेंगे।
  • आवेदन करने के लिए छात्र पहले कॉलेज और एकेडमी के अधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें और फिर एप्लीकेशन फॉर्म में मांगे गए आवश्यक सूचना को भरें।
  • अगले पन्ने पर आवश्यक दस्तावेज मांगे जाते हैं, उसे जोड़ें और एप्लीकेशन फॉर्म को शुल्क के साथ जमा करें।  
  • जब फॉर्म जमा हो जाए तो उसका प्रिंट आउट लें।
  • सेलेक्ट होने के बाद उम्मीदवार को एक स्वीकृत मेल प्राप्त होगा।

आवश्यक दस्तावेज़

कमर्शियल पायलट बनने के लिए के लिए आवेदन प्रक्रिया में कुछ दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, उसकी सूची नीचे दी गई है- 

करियर स्कोप

एक फ्रेशर के पास एयरलाइंस के आधार पर प्रति वर्ष लगभग 10 से 15 लाख रुपये कमाने का मौका होता है। प्रतिष्ठित एयरलाइनों के साथ काम करने वाले वरिष्ठ कमर्शियल पायलट प्रति वर्ष 65 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये कमाते हैं। कमर्शियल पायलट की जॉब भारत में अधिकतम वेतन पाने वाली नौकरी में से एक है। साथ ही ट्रैवलिंग से जुड़े अन्य लाभ भी मिलते है। पायलट बनने की प्रक्रिया में मेहनत के साथ-साथ पैसों की ज़रूरत भी होती है।

जॉब और सैलरी

कमर्शियल पायलट का कोर्स करने के बाद छात्र निम्नलिखित रुप में नौकरी कर सकते हैं जिसमें उनका औसत आय लगभग कुछ इस प्रकार हो सकता है:

जॉब औसत आय (INR)
कैप्टन 6-8 लाख 
सीनियर फर्स्ट ऑफिसर 3-4 लाख 
फर्स्ट ऑफिसर 2-3 लाख 
जूनियर फर्स्ट ऑफिसर 50हजार-1लाख 

FAQs

क्या हम 12वीं के बाद पायलट बन सकते हैं?

उत्तर- हां, विज्ञान में पायलट प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम मानदंड 10+2 है और पायलट प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष है।

पायलट बनने के लिए मुझे 12वीं के बाद क्या करना चाहिए?

उत्तर – पायलट बनने के लिए ये हैं 12वीं के बाद टॉप कोर्स:
1. कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग
2. एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बीटेक
3. ग्राउंड स्टाफ में डिप्लोमा और केबिन क्रू ट्रेनिंग
4. एविएशन में बीएससी

पायलट के लिए कौन सा विषय सबसे अच्छा है?

उत्तर- एक पायलट के रूप में करियर बनाने के लिए, आपके पास 10+2 में मुख्य विषयों के रूप में भौतिकी और गणित होना चाहिए।

पायलट कोर्स की फीस कितनी है?

उत्तर- पायलट प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की औसत फीस पाठ्यक्रम के प्रकार और अवधि के आधार पर कहीं न कहीं 15 लाख से 50 लाख तक होती है।

यदि कोई विदेश में एक कमर्शियल पायलट बनना चाहता है तो उसके लिए उड़ान के अनुभव की क्या आवश्यकता है? 

उत्तर – विदेश में एक कमर्शियल पायलट बनने के लिए, 750 घंटे का उड़ान अनुभव होना चाहिए और एक बुनियादी लाइसेंस अनुभव होना चाहिए। 

कमर्शियल पायलट कैसे बने?

10वीं की परीक्षा दें।
12वीं के साथ एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें।
एंट्रेंस एग्जाम पास करें।
पायलट बनने के लिए एडमिशन लें।
स्टूडेंट पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
प्राइवेट पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
टाइप रेटिंग ट्रेनिंग पूरी करें।

हमने इस ब्लॉग में आपको कमर्शियल पायलट कैसे बने बताने का प्रयत्न किया है। आशा करते हैं कि आपको कमर्शियल पायलट से जुड़ा पर्याप्त ज्ञान प्राप्त हो गया होगा। अगर आप भी विदेश के विश्वविद्यालय से कमर्शियल पायलट की पढ़ाई करना चाहते हैं तो आप हमारे Leverage Edu के विशेषज्ञों से 1800572000 पर संपर्क कर आज ही 30 मिनट का मुफ्त सेशन बुक कर सकते हैं।

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